Home मध्यप्रदेश Patients will no longer have to go to Indore | मरीजों को...

Patients will no longer have to go to Indore | मरीजों को अब नहीं जाना होगा इंदौर: ग्रीन बेल्ट की बाधा दूर, धार मेडिकल कॉलेज के लिए 30 अप्रैल को खुलेंगे टेंडर – Dhar News

53
0

[ad_1]

धार में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के निर्माण का मार्ग अब साफ हो गया है। लोक स्वास्थ्य विभाग की इस परियोजना को ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में भूमि होने के कारण तकनीकी बाधाएं आ रही थीं। अब संरक्षित भूमि के मॉडिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

Google search engine

.

इस प्रोजेक्ट के लिए प्रारंभिक बजट 260 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है। विभाग 30 अप्रैल को टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा। सभी आवश्यक अनुमतियां अंतिम चरण में हैं। यह मेडिकल कॉलेज धार जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का सबसे बड़ा केंद्र होगा।

इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र के निवासियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलेंगे। यह प्रोजेक्ट स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

मेडिकल कॉलेज के निर्माण की टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। 260 करोड़ रुपए का प्रारंभिक बजट तय करते हुए टेंडर जारी किए गए हैं, जिन्हें 30 अप्रैल को खोला जाएगा। लोक स्वास्थ्य विभाग को कलेक्टर कार्यालय से आवश्यक अनुमतियां भी प्राप्त हो चुकी हैं।

राजस्व विभाग ने मेडिकल कॉलेज के लिए नवीन आरटीओ कार्यालय के सामने स्थित भूमि स्वास्थ्य विभाग को आवंटित की थी। यह भूमि मास्टर प्लान में संरक्षित (कंजर्वेटेड) श्रेणी में दर्ज थी, जिसके चलते विभाग ने इस भूमि का लैंड यूज बदलने की प्रक्रिया शुरू की थी। अब यह बाधा भी दूर हो चुकी है।

बाउंड्रीवाल निर्माण पूरा स्‍वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेज के निर्माण से पहले 2 करोड़ 95 लाख की लागत से बाउंड्रीवाल का निर्माण करवाया है। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद आद‍िवासी बाहुल्‍य जिलों के ग्रामीणों का इसका फायदा मिलेगा। इंदौर और बड़े शहरों में मरीजों को रेफर करने बाध्‍यता समाप्‍त हो जाएगी।

निजी हाथों में होगा संचालन

पीपीपी यानि पब्‍लि‍क प्राइवेट पॉर्ट‍िसिपेशन के तहत निजी कंपनी द्वारा उक्‍त मेडिकल कॉलेज का निर्माण और संचालन किया जाएगा, लेकिन शासन भी इस में भागीदार रहेगा। इसमें हर वर्ग को इलाज के लिए न्‍यूनतम शुल्‍क निर्धारित किया जाएगा।

सीएमएचओ आर के शिंदे ने बताया की जमीन से जुड़ी जो परेशानी आ रही थी वह खत्म हो गई है। विभाग को जमीन अलॉट हुई है मॉडिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। मेडिकल कॉलेज के लिए जो टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी वह जारी है उसमें एजेंसियों ने रुचि दिखाते हुए भाग लिया है। जल्दी टेंडर ओपन होंगे।

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here