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Now a new controversy in Narmadapuram Municipality | नर्मदापुरम नगरपालिका में अब नया विवाद: सीएमओ को हटाने भाजपा नेता ने प्रभारीमंत्री को लिखा पत्र, बोले, फोन नहीं उठाती सीएमओ – narmadapuram (hoshangabad) News

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नर्मदापुरम नगरपालिका कुछ दिनों से किसी न किसी प्रकार के विवाद या शिकवा शिकायतें के चलते चर्चाओं का विषय बनी हुई है। नगरपालिका अध्यक्ष और पार्षदों के बीच मन मुटाव के बाद अब नगरपालिका सीएमओ को लेकर नया मामला सामने आया है। भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष लोकेश

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प्रभारी मंत्री को लिखे पत्र में लिखा…

निवेदन है कि नर्मदापुरम मां नर्मदा के तट पर एक धार्मिक आस्था और धार्मिक पर्यटन का शहर है। यहां प्रदेश के बाहर से भी सैकड़ों पर्यटक आते हैं, ऐसे में शहर की अव्यवस्था और गंदगी के कारण हमारे धार्मिक शहर की पढ़वान खराब हो रही है। विगत कई महीनों से जब से हेमेंद्री (हेमेश्वरी) पटले ने सीएमओ का चार्ज लिया है तब से शहर में निवासी भी आए दिन इनकी कार्यप्रणाली के कारण परेशान हो रहे हैं। एक तरफ नियमित सफाई नहीं होती यहां तक कि नगर के एकमात्र नेहरू उद्यान में भी गंदगी का अंबार लगा रहता है। रात के समय रोशनी नहीं होने के कारण अंधेरा रहता है, जिससे वहां आए शहरवासियों को खासकर महिलाओं एवं बच्चों को असुरक्षा महसूस होती है। वहीं शहर की गलियों में विद्युत व्यवस्था ठप्प है, जिसके कारण चोरी की घटना आए दिन हो रही हैं। केंद्र और राज्य शासन की योजनाओं के हितग्राही भी अक्सर परेशान होते रहते हैं।

इस संदर्भ में कई बार हेमेंद्री पटले को मौखिक रूप से बताया गया पर जिस व्यक्ति या पदाधिकारी की शिकायत होती है, आगे से उसका फोन उठाना बंद कर देती है। सीएमओ की कार्यप्रणाली के कारण नगर के अधिकांश पार्षद परेशान है, जिसकी शिकायत वे हमसे करते रहते हैं।

सीएमओ पटले का आमजन के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि से लोक व्यवहार भी अच्छा नहीं है। वे अवसर धौंस देती है, जहां शिकायत करना हो कर दे, अगर आपकी सरकार में चलती हो तो ट्रांसफर करवा दें। अतः माननीय मंत्री जी इनकी ट्रांसफर की इच्छा को शीघ्र पूरा किया जाएं।

सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पत्र लिखने की दी सफाई

भाजपा जिला कोषाध्यक्ष लोकेश तिवारी ने प्रभारी मंत्री राकेश सिंह को सीएमओ को हटाने के लिए लिखा पत्र को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सफाई दी। जिसमें उल्लेख किया कि “अंततः पत्र लिखना ही पड़ा, पत्र लेखन सामान्यतः संगठन के कार्यकर्ता का काम नहीं है, लेकिन लगातार बताए गए कामों की अनदेखी होने के कारण…ऐसी अफसर शाही जो शहर को पीछे धकेल रही है उसे यहां से कहीं और भेजना उचित होगा।”

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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