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मध्य प्रदेश विधानसभा में सदन के अंदर पंडित नेहरू की तस्वीर हटाए जाने से उपजा विवाद अब गोडसे की तस्वीर तक आ गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का कहना है कि नेहरू जी की फोटो हटाना महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण है कि उनके विचार खत्म करने का प्रयास करना। आगे देखिए भाजपा आंबेडकर जी की फोटो हटाकर गोडसे के फोटो लगाएगी।
वहीं, कांग्रेस से जयवर्धन सिंह ने कहा कि सदन से जवाहरलाल नेहरू की फ़ोटो हटाना अफ़सोसजनक है। दो देश एक साथ आजाद हुए थे, भारत और पाकिस्तान। पाकिस्तान की क्या हालत हो गई है, सबको पता है। भारत में लोकतंत्र की नींव मजबूत जवाहरलाल नेहरू के कारण हुई है। भाजपा या जिस किसी ने नेहरू की फोटो हटाई है, गलत है। मैं प्रोटेम स्पीकर से ऐसी हल्की राजनीति को लेकर चर्चा करूंगा।
भारत के संविधान का चित्र है बाबा साहेब का चित्र: रामेश्वर शर्मा
इसी मुद्दे पर सत्ता पक्ष के बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने पटलवार करते हुए कहा कि बाबा आंबेडकर का चित्र भारत के संविधान का चित्र है। मैं पूछना चाहता हूं संविधान निर्माता बाबा आंबेडकर हैं कि नहीं। बाबा आंबेडकर के प्रति कांग्रेस की आस्था और विश्वास है कि नहीं। करोड़ों लोगों के आस्था के केंद्र हैं संविधान निर्माता आंबेडकर। उनकी फोटो विधानसभा में होना चाहिए या नहीं। कांग्रेस क्या बाबा आंबेडकर में गोडसे देखती है। गांधीजी और बाबा आंबेडकर के प्रति हमारी आस्था है और रहेगी।
जबरन राजनीति कर रही कांग्रेस: कृष्णा गौर
जवाहरलाल नेहरू की फ़ोटो सदन से हटाने पर भाजपा विधायक कृष्णा गौर ने कहा कि यह एक अच्छी प्रकिया है। संविधान निर्माता बाबा साहब की फ़ोटो लगाना अच्छी परंपरा है। हम बाबा साहब का सम्मान करते हैं। कांग्रेस में केवल बाबा साहब का उपयोग वोट बैंक के रूप में किया है। कांग्रेस इस मामले में जबरन राजनीति कर रही है।
सचिवालय से ली जाएगी जानकारी: भार्गव
इस पूरे मामले में प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि फोटो कैसे बदली, क्या हुआ, इसकी जानकारी अभी नहीं है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सचिवालय से इसकी जानकारी ली जाएगी। कांग्रेस के आरोपों पर भार्गव ने कहा कि हम सबका सम्मान करते हैं।
ये है मामला
गौरतलब है कि अब तक विधानसभा सदन में आसंदी के पीछे देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू की फोटो लगी थी। वहीं भाजपा की जीत के बाद विधायकों की शपथ और विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान पंडित नेहरू की तस्वीर हटाकर वहां पर अब संविधान निर्माता आंबेडकर की फोटो लगाई गई है।
कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष प्रदेश कमलनाथ ने भी ट्वीट कर मांग उठाई है कि नेहरू का चित्र सम्मान लगाया जाए
उन्होंने लिखा कि मध्यप्रदेश विधानसभा से महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, देश के प्रथम प्रधानमंत्री, राष्ट्र निर्माता पंडित जवाहरलाल नेहरू का चित्र हटाया जाना अत्यंत निंदनीय है। मैं विधानसभा में संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर का चित्र लगाने का स्वागत करता हूं। बाबा साहेब के चित्र को विधानसभा में सम्मानित स्थान पर लगाया जा सकता था लेकिन जानबूझकर पंडित नेहरू का चित्र हटाया गया।
मैं याद दिलाना चाहता हूं कि मैंने घोषणा की थी कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने पर बाबा साहेब आंबेडकर की सबसे बड़ी प्रतिमा लगाई जाएगी। भाजपा सरकार को अगर वास्तव में डॉक्टर आंबेडकर का सम्मान करना होता तो वह भी प्रदेश में बाबा साहेब की सबसे बड़ी प्रतिमा लगाने की पहल करती न कि पंडित नेहरू की तस्वीर हटाकर अपनी छोटी मानसिकता का परिचय देती।
मैं मांग करता हूं कि मध्यप्रदेश विधानसभा में पंडित नेहरू का चित्र ससम्मान लगाया जाए और प्रदेश में डॉक्टर आंबेडकर की सबसे ऊंची प्रतिमा का निर्माण शुरू कराया जाए।
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