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इंदौर-3 के विधायक गोलू शुक्ला और उनके बेटे रुद्राक्ष शुक्ला पर उज्जैन के महाकाल मंदिर के गर्भगृह में बिना अनुमति प्रवेश करने और पुजारियों व कर्मचारियों से अभद्रता करने का आरोप लगा है। यह घटना भस्म आरती से ठीक पहले की बताई जा रही है और अब यह मामला लगा
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मंगलवार को उज्जैन कलेक्टर ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है, वहीं भाजपा संगठन भी सक्रिय हो गया है। सूत्रों के अनुसार, देवास टेकरी मामले में पहले भी संगठन ने विधायक गोलू शुक्ला को कड़ी नसीहत दी थी। हालांकि इस मामले में गोलू शुक्ला का कहना है कि यह मुझे और बेटे को बदनाम करने की कोशिश है। हमनें गर्भग्रह में किसी के साथ विवाद नहीं किया।

मंदिर समिति की ओर से चौबीसों घंटे ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था है।
गोलू शुक्ला ने कहा- हमने विधिवत पूजा की
विधायक गोलू शुक्ला ने पूरे घटनाक्रम को झूठा और निराधार बताया है। उनका कहना है, हम पिछले 25 सालों से हजारों कांवड़ यात्रियों के साथ महाकाल मंदिर में जलाभिषेक करते आ रहे हैं। इस बार भी हमने विधिवत पूजा की। गर्भगृह में किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। ये सब सनातन धर्म और हमारी कांवड़ यात्रा को बदनाम करने का षड्यंत्र है।
उन्होंने यह भी कहा कि वे 4 अगस्त को 10 हजार महिलाओं के साथ कलश यात्रा निकालने जा रहे हैं और लगातार सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में लगे हुए हैं।
“हम किसी से मारपीट नहीं करते”
जब शुक्ला से पूछा गया कि क्या गर्भगृह में किसी कर्मचारी से विवाद या मारपीट हुई थी, तो उन्होंने जवाब दिया,
“भैया, हम ऐसे लोग नहीं हैं कि किसी के साथ गलत व्यवहार करें। हम एक सभ्य समाज से हैं। हमारी यात्रा पूरी अनुशासन में चलती है। यह सब झूठी बातें हैं। निश्चित रूप से कांग्रेस इस मामले को हवा दे रही है।”

तस्वीर 2021 के सावन महीने की है। विधायक के बेटे ने तब भी नियम विरुद्ध दर्शन किए थे।
भाजपा संगठन भी हुआ सतर्क
यह पहला मौका नहीं है जब रुद्राक्ष शुक्ला पर मंदिर में विवाद करने के आरोप लगे हों। इससे पहले अप्रैल 2025 में उन्होंने देवास की माता टेकरी पर भी रात के समय जबरन मंदिर खुलवाने की कोशिश की थी। वहां पुजारी से विवाद और मारपीट भी हुई थी। बाद में संगठन के हस्तक्षेप के बाद रुद्राक्ष ने माफी मांगी और थाने में सरेंडर किया था।
उस समय पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने दिल्ली से रिपोर्ट तलब की थी और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को इंदौर भेजा गया था। उन्होंने सख्त लहजे में कहा था कि,इस तरह की घटनाएं पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। भविष्य में दोबारा ऐसी घटनाएं न हों, यह सुनिश्चित करें। लेकिन महाकाल मंदिर में फिर वही गलती दोहराई गई।
क्या हुआ महाकाल मंदिर में? जानिए पूरा घटनाक्रम
- रविवार रात विधायक गोलू शुक्ला की कांवड़ यात्रा उज्जैन पहुंची।
- सोमवार तड़के, भस्म आरती से पहले, गोलू शुक्ला और उनके बेटे रुद्राक्ष मंदिर पहुंचे।
- हरिओम जल अर्पण के दौरान, विधायक गर्भगृह में प्रवेश कर गए, जबकि बेटे को रोका गया था।
- रुद्राक्ष शुक्ला ने जबरन घुसने की कोशिश की और मंदिर कर्मचारी आशीष दुबे को धमकाया।
- दोनों ने करीब 5 मिनट तक गर्भगृह में पूजा-अर्चना की।
1 मिनट तक लाइव प्रसारण बंद
महाकाल मंदिर में भस्म आरती का ऑनलाइन प्रसारण होता है, लेकिन सावन के दूसरे सोमवार को लाइव यूट्यूब लिंक करीब 1 मिनट तक ब्लैंक रहा। माना जा रहा है कि वीवीआईपी प्रवेश के दौरान यह प्रसारण रोक दिया गया।
जहां आम श्रद्धालु डेढ़ किलोमीटर लंबी लाइन में लगते हैं और 200 फीट दूर से दर्शन करते हैं, वहीं नियमों को ताक पर रखकर वीवीआईपी गर्भगृह तक पहुंच जा रहे हैं।

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भाजपा विधायक भी बिना परमिशन महाकाल गर्भगृह में घुसे थे

सावन सोमवार की भस्म आरती से पहले उज्जैन के महाकाल मंदिर के गर्भगृह में इंदौर-3 से भाजपा विधायक गोलू शुक्ला अपने बेटे रुद्राक्ष के साथ बिना अनुमति जबरन घुस गए। मंदिर कर्मचारी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो रुद्राक्ष ने धमकी दी। पूरी खबर पढ़ें…
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