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मप्र में खरीफ 2024-25 में गेहूं की खरीद के लिए केवल 50 दिन की अवधि रखी गई है, जो पिछले वर्षों में सबसे कम है। पिछले कुछ वर्षों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की अवधि कम से कम दो महीने रही है। 2024 में इसे शुरू में 52 दिन रखा गया था, जबकि बाद
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हालांकि, इस बार केवल 50 दिनों में खरीदी की जानी है। अब तक 8.55 लाख किसान सरकार को 73.92 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) गेहूं बेच चुके हैं। केंद्र ने पिछले साल की तरह मप्र को इस बार गेहूं खरीदी के लिए 80 एलएमटी का लक्ष्य दिया था। पिछले साल प्रदेश 48.36 एलएमटी गेहूं खरीद सका था। वहीं, इस साल हम लक्ष्य से लगभग 6 एलएमटी पीछे हैं। सोमवार को गेहूं खरीदी का आखिरी दिन है। खराब मौसम के बीच दो दिनों में गेहूं खरीदी व्यवस्था भी गड़बड़ाई है।

देश में सबसे ज्यादा दाम मप्र इस साल 175 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देकर देश भर में सबसे अधिक दाम, यानी 2600 रुपए प्रति क्विंटल में गेहूं खरीद रहा है। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के मुताबिक लगभग 67 एलएमटी गेहूं का परिवहन खरीद केंद्रों से हो चुका है। 16176 करोड़ का भुगतान किसानों को हो चुका है।
ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत किसान जो 30 अप्रैल तक स्लॉट बुक नहीं कर सके, वह 5 मई को स्लॉट बुक कर उसी दिन गेहूं खरीद केंद्रों में बेच सकेंगे। 5 मई को खरीद केंद्र पर किसान की उपज की तौल एवं देयक जारी नहीं होने पर किसानों को टोकन देंगे। ऐसे किसान 9 मई तक अपना गेहूं बेच सकेंगे।
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