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जिनेंद्र भगवान की वाणी जगत का कल्याण करने वाली वाणी है। लोगों ने संप्रदाय के सूत्र दिए परंपरा के सूत्र दिए जाति पंथ के सूत्र दिए राष्ट्र देश के सूत्र दिए किंतु तीर्थंकर महावीर ने विश्व बंधुत्व का सूत्र दिया है।
चर्या शिरोमणि आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने बीसपंथी मंदिर
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