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मध्यान्ह भोजन बनाने वाले समूह के झगड़े में स्कूली बच्चों को भूखा रहना पड़ रहा है। मामला आठनेर ब्लॉक की सातनेर ग्राम पंचायत का है। सातनेर कन्या प्राथमिक शाला के 25 से अधिक बच्चों को पिछले 3 दिनों से मध्यान्ह भोजन नहीं दिया जा रहा है। सभी बच्चे खाली पेट घर लौट रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, सातनेर में पूर्व समूह के द्वारा भोजन बनाने से मना कर दिया गया था। इसके बाद दूसरे समूह को भोजन बनाने का काम दिया गया, लेकिन राशि पुराने समूह के ही खाते में आ रही है। जिससे नए समूह की महिलाओं को उधारी में राशन नहीं मिल रहा है। पुराने समूह द्वारा राशि भी नहीं दी जा रही है। यही वजह है कि समूह ने मध्यान्ह भोजन बनाना बंद कर दिया है।
पहले वर्तमान सातनेर संरपच के समूह के माध्यम से व्यवस्था संचालित की जा रही थी, लेकिन भोजन बनाने वाले रसोईयों पर किराना दुकान का अधिक बकाया भुगतान होने से किराना सामान नहीं दिया गया है। संस्था प्रमुख ने इस अभी तक ठोस कदम नहीं उठाया है। सभी बच्चे भूखे पेट घर वापस लौटने को मजबूर हैं।
जन शिक्षक सुनील महाले ने भी शनिवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मध्यान्ह भोजन योजना समूह के माध्यम से संचालित की जाती है। लेकिन दो समूहों के बीच मामला उलझने से फिलहाल भोजन नहीं बन रहा है। जन शिक्षक ने बताया कि सातनेर कन्या प्राथमिक शाला में तीन दिनों से मध्यान्ह भोजन नहीं मिलने की सूचना सही है। भोजन बनाने वाले रसोईयों को उधारी में सामान नहीं मिल रहा है। फिलहाल मध्यान्ह भोजन बंद है। वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी दे दी है।
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