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गुफा मंदिर में विसर्जन से पहले गलंतिका की पूजा करते ब्राह्मण।
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर शनिवार को श्री रामानंद आश्रम गुफा मंदिर सहित शहर के 150 मंदिरों में 61 दिन बाद गलंतिका (भगवान के ऊपर स्थापित की जाने वाली मटकी, जिससे बूंद-बूंद पानी गिरता है) का विसर्जन किया गया। गुफा मंदिर में शास्त्रोक्त रीति-नीति से गलंतिका का
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बड़वाले महादेव मंदिर, नेवरी स्थित मनकामनेश्वर शिव मंदिर, छोला मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान के साथ गलंतिका विसर्जन कर भगवान का रुद्राभिषेक, शृंगार कर पूजा और आरती की गई। मंदिर के पंडित गोपाल कृष्ण पुरोहित ने बताया कि गलंतिका विसर्जन 61 दिन हुआ है। इस समय शिव पुराण के अनुसार विधान किया गया है।
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