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Cyber fraud was committed by someone else, someone else’s account got frozen; 4-5 such cases are coming in Bhopal every day | करे कोई भरे कोई: साइबर फ्रॉड किसी दूसरे ने किया, खाता किसी और का हो गया फ्रीज; भोपाल में रोज आ रहे ऐसे 4-5 केस – Bhopal News

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फ्रीज खाते खुलवाने बाहरी राज्यों की पुलिस के चक्कर लगा रहे लोग

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व्यापारी-आमजन का साइबर फ्रॉड से दूर-दूर तक नाता नहीं, फिर भी उनके खाते फ्रीज हो रहे हैं। कारण, फ्रॉड की रकम से ठग ऑनलाइन पेमेंट कर रहे हैं। ठगी की रकम जितने खातों में पहुंच रही है, साइबर ट्रेल में फंसकर वो सभी खाते फ्रीज हो रहे हैं।

भोपाल में इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बाहरी राज्यों की पुलिस ने भोपाल के कई ऐसे खाते फ्रीज करवाए। परेशान लोग लोकल थानों से लेकर बैंक और साइबर सेल के चक्कर काटते-काटते परेशान हो चुके हैं। उन्होंने दूसरे राज्यों की पुलिस से संपर्क भी किया लेकिन कई मामले उलझे ही हुए हैं। भोपाल साइबर विंग में रोज 4-5 ऐसे केस आ रहे हैं, लेकिन वह भी मदद करने में असमर्थ हैं।

अचानक बंद हो जाता है ट्रांजेक्शन, बैंक जाकर ही पता करना पड़ता है

केस-1: फॉर्म का 4 हजार रु. पेमेंट लिया, कियोस्क संचालक का खाता फ्रीज एमपी ऑनलाइन कियोस्क संचालक प्रणय कुमार 16 जनवरी को प्रिंटर ठीक कराने पहुंचे। यहां ऑनलाइन पेमेंट रिजेक्ट हो गया। बैंक में प्रणय को बताया गया कि उदयपुर पुलिस ने उनका खाता फ्रीज कराया है। वहां डॉक्टर महिला से फ्रॉड हुआ है और रकम उनके खाते में आई है। दो महीने बाद उन्होंने आरटीआई लगाई, तब बताया गया 16 जनवरी को 4100 रुपए का पेमेंट उन्हें किया गया था। वह संदिग्ध था। यह पेमेंट उन्हें फॉर्म भरवाने वाले युवक ने किया था।

केस-2: बैंक मैनेजर की ईएमआई बाउंस हुईं तब पता चला कि खाता फ्रीज हुआ है निजी बैंक के मैनेजर मोहम्मद अकील का 29 दिसंबर को खाता फ्रीज हो गया। होम लोन व अन्य ईएमआई बाउंस होने पर वे संबंधित बैंक पहुंचे तो पता चला कि बिहार के किसी व्यक्ति की शिकायत पर उनका खाता फ्रीज हुआ है। बैंक ने बताया कि शिकायतकर्ता के साथ साइबर फ्रॉड हुआ है और उसकी कुछ रकम उनके खाते में आई है। लंबी लड़ाई के बाद कुछ दिन पहले उनका खाता अनफ्रीज हुआ, लेकिन 60 हजार का लीन अमाउंट अब भी फ्रीज है।

केस-3: किराना व्यापारी के 1.50 लाख रुपए फंसे… किराना व्यापारी अजय का खाता होल्ड पर है, जिसमें उनके 1.50 लाख रुपए फंस गए हैं। उनकी दुकान से किराना लेने वाले व्यक्ति ने उधारी के 2500 रुपए का ऑनलाइन पेमेंट किया था। उसके बाद से खाता फ्रीज है। बैंक पहुंचने पर बताया गया खाते में आए 2500 रुपए का लेनदेन संदिग्ध है। इसकी शिकायत लखीमपुर खीरी उप्र से आई थी। व्यापारी को बताया गया कि वहां किसी व्यक्ति से साइबर फ्रॉड हुआ है।

ठगी की रकम जिन खातों में जाती है, उन्हें फ्रीज कराते हैं साइबर फ्रॉड की शिकायत कई लोग नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल के हेल्पलाइन नंबर-1930 पर शिकायत दर्ज कराते हैं। यहां से बैंक को जानकारी जाती है। ठगी की रकम जितने भी खातों में जाती है, उन्हें फ्रीज कराया जाता है। हालांकि, लीन अमाउंट फ्रीज कराने के लिए कहा जाता है। कई बार बैंक खाता ही फ्रीज कर देता है।

कोर्ट में आवेदन लगा सकते हैं किसी व्यक्ति ने साइबर फ्रॉड नहीं किया है और उसका खाता फ्रीज हुआ है, वह कोर्ट में आवेदन लगा सकता है। कोर्ट पुलिस और बैंक से सारे तथ्य लेती है। अगर व्यक्ति ने कुछ नहीं किया है। यह बात साबित होने के बाद कोर्ट खाता अनफ्रीज के आदेश देती है। -मंजू जैन, एडवोकेट

संबंधित पुलिस से संपर्क करें ऐसी शिकायतें आ रही हैं। लोग संबंधित पुलिस से संपर्क कर पूरे तथ्य बताएं। इस तरह खाता अनफ्रीज होता है। इस तरह की शिकायत बाहर की होती हैं तो लोकल पुलिस इसमें कुछ नहीं कर सकती। -अखिल पटेल, डीसीपी क्राइम

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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