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CM launched Namami Gange campaign | बेतवा के उद्गम पर नमामि गंगे अभियान का शुभारंभ: CM बोले- नदियों के प्रवाह को दूषित करना जीवन में अवरोध करने जैसा – Bhopal News

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रायसेन के झिरी बहेड़ा में बेतवा नदी के उद्गम स्थल पर नमामि गंगे अभियान की शुरुआत करते सीएम डॉ मोहन यादव। इस मौके पर मंत्री प्रहलाद पटेल, पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी, सुरेंद्र पटवा भी मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पृथ्वी, पर्वत, नदी, पेड़-पौधों में जीवंतता है और वे हमारे लिए पूज्यनीय हैं। जिस प्रकार मानव देह में धमनियों के माध्यम से रक्त का संचार होता है उसी प्रकार नदियां पृथ्वी पर जीवन का संचार करती हैं। नदियों के प्रवाह

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विश्व पर्यावरण दिवस पर रायसेन जिले के झिरी बहेड़ा स्थित बेतवा नदी के उद्गम स्थल पर जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान का समापन 16 जून को गंगा दशहरे के अवसर पर उज्जैन में होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेतवा नदी के उद्गम स्थल की पूजा-अर्चना की, और बरगद का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री के साथ यहां आदिवासियों ने 108 पौधों का रोपण किया। इस मौके पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल, पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, सुरेंद्र पटवा मौजूद रहें।

जल संरक्षण के 990 कार्य आरंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- अभियान के अंतर्गत 3 हजार 90 करोड़ लागत के जल संरक्षण के 990 कार्य आज से प्रदेश में आरंभ हो रहे हैं। हर ‍‍‍जिले, विकासखंड और पंचायत स्तर पर जल संरचनाओं की मरम्मत, पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण के लिए जनभागीदारी से गतिविधियां संचालित की जाएंगी। बेतवा नदी का उद्गम भोपाल के पास से ही होता है और यहां का जल गंगा बेसिन में मिलता है।

नदी जोड़ो से देश को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नदियों के संरक्षण के लिए नमामि गंगे अभियान आरंभ किया। इसी प्रकार उनकी पहल पर केन-बेतवा-‍लिंक परियोजना के लिए 45 हजार करोड़ रुपए मध्यप्रदेश को तथा 45 हजार करोड़ रुपए उत्तर प्रदेश को उपलब्ध करवाए गए। नदी जोड़ो अभियान की इस महती पहल से बुंदेलखंड का संपूर्ण क्षेत्र सिंचित होगा और क्षेत्र वासियों की पेयजल संबंधी समस्या का भी समाधान होगा।

इसी प्रकार राजस्थान के साथ पार्वती-काली सिंध-चंबल नदी जोड़ो अभियान के लिए मध्यप्रदेश में 35 हजार करोड़ और राजस्थान में 35 हजार करोड़ रूपए से गतिविधियां संचालित की जाएंगी। अभियान के अंतर्गत जल संरचनाओं के प्रति जनजागृति और जल सम्मेलन जैसी गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी।

नदियों के उद्गम स्थल पर पौधरोपण को प्रोत्साहित करना जरूरी

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि यह आवश्यक है कि अभियान को रस्म अदायगी न माना जाए। हम सभी जल स्त्रोतों को सहेजने उनकी साफ-सफाई और उनके आस-पास पौधरोपण जैसी गतिविधियां जनभागीदारी से करें।

मंत्री पटेल ने कहा- वे 16 जून तक चलने वाले अभियान में हर दिन एक नदी के उद्गम स्थल पर जाकर स्थल के संरक्षण साफ-सफाई और पौधरोपण गतिविधियों में भाग लेंगे। नदियों के उद्गम स्थल के आसपास बहेड़ा, हर्र, आम, बांस, नीम, बेल आदि के पौधे जल स्त्रोतों को संरक्षित करने और उन्हें समर्थ बनाने में सक्षम हैं।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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