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Chhatarpur: The Tradition Of Joint Family Continues In Bundelkhand, 38 Members Live In One House. – Amar Ujala Hindi News Live

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Chhatarpur: The tradition of joint family continues in Bundelkhand, 38 members live in one house.

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छतरपुर में एक परिवार के 38 सदस्य एक ही छत के नीचे रहते हैं।
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार


छतरपुर जिले के महाराजपुर नगर के समीप स्थित ग्राम बुडरख निवासी इंद्रपाल चौबे का परिवार संयुक्त परिवार की मिसाल कायम कर रहा है। परिवार के मुखिया अपने 6 भाइयों के परिवार समेत कुल 38 सदस्यों के साथ रहकर मैनेजमेंट संभाल रहे हैं। परिवार के सभी सदस्य खुशी के पलों को एक साथ मिलकर सेलिब्रेट करते हैं। आसपास के गांव सहित पड़ोस के लोग आज भी उनके परिवार को मिलजुल कर रहने की मिसाल देते नहीं थकते हैं।

एक दिन पहले ही अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया गया था। छतरपुर का एक परिवार इस परंपरा को बखूबी निभा रहा है। महाराजपुर तहसील के ग्राम बुडरख निवासी इंद्रपाल चौबे बताते हैं कि परिवार में बड़े भैया देवीदीन चौबे जिनकी उम्र 63 है, उन्होंने आज भी हम सभी छह भाइयों को परिवार सहित एक ही धागे में पिरो कर रखा है। उम्र के इस पड़ाव पर भी बड़े भैया पूरे परिवार को संयुक्त रूप से एक धागे में बाधे हुए हैं।

1992 में हुआ था पिता का देहांत

इंद्रपाल चौबे बताते हैं कि साल 1992 में पिता का देहांत हो जाने के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी घर के बड़े भाई होने के नाते देवीदीन चौबे पर आ गई और उन्होंने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए न सिर्फ बच्चों को शिक्षा संस्कार प्रदान किया, बल्कि उसके साथ-साथ सभी भाइयों की शादी विवाह करने के बाद उन्होंने आज भी एक ही धागे में हम सबको पिरो कर रखा हुआ है।

परिवार के सभी सदस्य एक साथ मनाते हैं खुशियां

परिवार की वरिष्ठ सदस्य इंद्रपाल चौबे ने बताया कि जहां आज के दौर में शादी के बाद लड़का अपने परिवार से अलग होकर खाना बनाने लगता है तो वहीं आज तक हमारे परिवार में कुल 3 लड़कों सहित 6 लड़कियों की शादी हो चुकी है और हमारे 4 नातियों सहित  2 नातिनें भी परिवार में शामिल हैं। परिवार के सभी सदस्य खुशियां एक साथ मनाते हैं। खाना भी एक साथ ही पूरे परिवार का बनता है। एक साथ बैठकर खाते हैं। परिवार की तीनों बहुएं और उनकी माताएं एक साथ मिलकर घर का काम करती हैं। परिवार एक साथ बैठकर निर्णय लेता है।

चौबे परिवार को एक साथ रहता देखकर आसपास के गांव सहित लोक संयुक्त परिवार की मिसाल देते हैं। 

 

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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