[ad_1]
एमपी के छतरपुर में एक समुदाय को लेकर किसी शख्स के आपत्तिजनक कमेंट से नाराज लोगों ने 18 दिन पहले सिटी कोतवाली थाने का घेराव किया। यहां उग्र भीड़ ने थाने पर पथराव कर दिया। इससे पहले भीड़ ने नारेबाजी की। अचानक हुए हमले में थाना प्रभारी अरविंद कुंजुर, आरक
.
पत्थरबाजी का आरोप इलाके के रसूखदार हाजी शहजाद पर लगे थे। घटना के 6 दिन बाद पुलिस ने उसकी सरेंडर से पहले गिरफ्तारी कर ली थी। शहजाद को भोपाल सेंट्रल जेल में ट्रांसपर किया गया है।उसे सेंट्रल जेल में बने हाई सिक्योरिटी सेल रखा गया है। जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने बताया कि छतरपुर उप जेल है।
थाने पर हमले के आरोपी वहां संख्या में अधिक थे। सुरक्षा के लिहाज से दो दिन पहले मुख्य आरोपी हाजी शहजाद अली को सेंट्रल जेल भोपाल भेजा गया है। उसकी से की राउंड अ क्लॉक निगरानी के लिए प्रहरियों को तैनात किया गया है।

हमले के बाद थाने में अफरा तफरी का माहौल था।
ऐसे किया था थाने पर हमला
21 अगस्त को शाम करीब 5 बजे थाने में शिकायती आवदेन लेकर हाजी शाजाद सहित 500 से अधिक लोगों की भीड़ पहुंची थी। धीरे-धीरे और लोग जमा होते गए। सभी थाने के बाहर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान भीड़ में कुछ लोग पुलिस को हथियार और हाथ में पत्थर लिए नजर आए। पुलिस ने मेन गेट बंद कर दिया था।
भीड़ ने पथराव किया, पुलिसकर्मी थाने के भीतर भागने को मजबूर हुए थे
हमले की आशंका को देखते हुए पुलिस ने मेन गेट के बंद किया था। यह देखते ही भीड़ उग्र हुई तथा पत्थरबाजी शुरू कर दी। भीड़ से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए टीआई अरविंद कुंजर आवेदन लेने थाने बाहर निकले। वे मेन गेट पर पहुंचे ही थे कि भीड़ में आए लोग विवाद करने लगे। बाहर से पथराव शुरू हो गया। बांउड्रीवॉल पर खड़े जवान कूदकर थाने के अंदर भागे।

जान बचाने पुलिस को आंसू गैस के गोले दागना पड़े थे।
टीआई पर चाकू से हमला किया था
टीआई ने भी खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन पत्थरबाजी में वे और पुलिसकर्मी पत्थर लगने से घायल हो गए। टीआई को सिर, हाथ, पैर और सीने में पत्थर लगे हैं। जानकारी के मुताबिक भीड़ में से किसी ने उन पर चाकू से वार किया। वे अचानक मुड़े और चाकू देखकर उसे पकड़ने की कोशिश की, जिससे चाकू हाथ में घुस गया। इससे उन्हें चोट आई थीं।

40 लोगों को आरोपी बनाया गया
थाने में पथराव मामले में 40 लोगों को आरोपी बनाया गया। हालांकि गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 100 से ज्यादा थी। छतरपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी हाजी शहजाद अली द्वारा अवैध जमीन पर बनाए अनुमानित 10 करोड़ के बंगले को भी गिरा दिया था।
[ad_2]
Source link









