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छतरपुर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक भगवान नरसिंह मंदिर के पुजारी और प्रबंधक के खिलाफ पहले छतरपुर अनुविभागीय अधिकारी द्वारा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया गया। कुछ ही देर बाद इस नोटिस को निरस्त कर दिया गया।
अब सवाल उठता है कि इस नोटिस जारी करने और निरस्त करने के पीछे क्या माजरा है।
SDM के आदेश पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर कौन है, जिसे आरती से परेशानी हो रही है। साथ ही होने वाले भजनों से परेशानी हो रही है। आखिर किसके कहने पर एसडीएम में मंदिर को पहले नोटिस जारी किया और फिर बाद में निरस्त कर दिया। इस तरह से कई सवाल प्रशासन की इस दो तरफा कार्रवाई पर उठ रहे हैं।
DM, CEO, SDM के बंगले बगल में
वहीं, लोगों का आरोप है कि नरसिंह मंदिर के बगल में जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर के बंगले होने के कारण इस तरह का कदम उठाया गया है। आदेश निकलने के बाद मामला पब्लिक ट्रोल में आने के कारण इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया। कहीं कोई बड़ा मामला या बवाल न हो जाए।
मौखिक शिकायत पर कार्रवाई की
मामले में जब हमने एसडीएम बालवीर रमन से बात की गई तो उनका कहना है कि मैं मुख्यालय में नहीं हूं। क्षेत्र में फील्ड पर हूं, कल मिल पाउंगा। उन्होंने फोन पर बताया कि मेरे पास मौखिक शिकायत आई थी, जिस पर मैंने आदेश निकालकर कार्रवाई की थी है। पर अब मंदिर ने साउंड स्लो कर लिए हैं तो जो सुबह आदेश किया था उसे शाम को निरस्त कर दिया है।
अब तक कितनी मौखिक शिकायतों पर कार्रवाई हुई
अब लोगों का कहना है कि वो SDM साहब से जानना चाहते हैं जबसे वह पदस्थ हुए हैं तब से अब तक उन्होंने कितनी मौखिक शिकायतों पर कार्रवाई की है। यह मामला सभी के संज्ञान में लाएं और मंदिर की जिसने शिकायत की है उसको उसका नाम सामने लाएं, वरना माना जाएगा कि यह कार्रवाई इन प्रशासनिक अधिकारियों (SDM, CEO, DM) जिनके बंगले मंदिर प्रांगण से लगे हुए हैं, उनके कहने पर की गई है।
SDM को हटाने की मांग, आंदोलन की चेतावनी
वहीं, अब मामले में हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि जब हमने इस मामले की खबर अपने प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व को दी तो प्रशासन हिल गया। उन्होंने किसी बड़े बवाल के डर से तत्काल आदेश निरस्त कर दिया। फिर भी हम (विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल) आज शाम मंदिर प्रांगण में बैठक कर छतरपुर SDM को हटाने का प्रस्ताव ला रहे हैं। SDM को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग करेंगे। अगर SDM को नहीं हटाया गया तो विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे।
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