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भिंड जिला अस्पताल में नाबालिग किशोर से 1200 रुपए में ब्लड लेने के मामले में पांच लोगों को दोषी पाया है। दो को निलंबित कर दिया गया। तीन को सेवा से हटा दिया है। मामले में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन ने कड़ी कार्रवाई की गई है।
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गुरुवार दोपहर भिंड नगर का रहने वाला 16 वर्षीय किशोर ब्लड डोनेशन के लिए जिला अस्पताल पहुंचा था। पीड़ित के परिवार का आरोप है कि 30 मार्च को जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने 1200 रुपए लेकर नाबालिग से ब्लड लिया था, जबकि उसकी उम्र 18 वर्ष से कम थी और नियमों के अनुसार नाबालिग से रक्तदान नहीं कराया जा सकता।
जांच कमेटी की थी गठित मामले के उजागर होते ही अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। सिविल सर्जन डॉ. आर. एन. राजोरिया ने तत्काल जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया। प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर लैब टेक्नीशियन ललित को निलंबित किया गया।
इसके बाद शुक्रवार को भिंड कलेक्टर अस्पताल पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। फुटेज के आधार पर नर्सिंग ऑफिसर सपना नरगिस, नर्सिंग स्टाफ रितु संयम, संविदा डाटा ऑपरेटर अर्निका शर्मा को सेवा से हटा दिया गया। वहीं, आउटसोर्स लैब टेक्नीशियन ऋषभ मिश्रा को भी हटाया गया।
सिविल सर्जन डॉ. राजोरिया ने बताया कि जांच में लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई है, इसलिए पाँच कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। आगे भी जांच जारी रहेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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