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कांग्रेस के पूर्व सांसद विश्वेश्वर भगत और बोधसिंह भगत के बीच राजनीतिक द्वंद्व आज से नहीं बल्कि वर्षों पुराना है। यही कारण है कि जैसे ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उनकी मर्जी के बगैर बोधसिंह को प्रत्याशी बनाया, तो वह कटंगी से अलग हो गए और वारासिवनी चुनाव संचालन की जिम्मेदारी ले ली। रविवार को दोनों नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साथ रहने की बात कही।
पिछले दिनों कटंगी प्रत्याशी बोधसिंह भगत के समर्थन में जनसभा
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