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इंदौर के श्री वेंकटेश मंदिर छत्रीबाग में गौ महिमा कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिन पिपलिया धाम से पधारे माधव रामानुज शास्त्री ‘माधवाशीष’ ने कहा कि गौ माता को एक रोटी या घास का ग्रास खिलाना तैंतीस करोड़ देवताओं को भोग लगाने के बराबर है।
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शास्त्रीजी ने बताया कि जिस घर के आंगन में गौ माता भोजन करके संतुष्ट होती हैं, वहां सत्यलोक के देवता स्वयं पुष्पवृष्टि करते हैं। उन्होंने कहा कि गौ माता की सेवा से जीवन और मृत्यु दोनों सुधर जाते हैं।
आयोजक न्यू गौ सेवा महिला मंडल की कृष्णा बाहेती और सुनीता सोमानी ने बताया कि कार्यक्रम में समुद्र मंथन से कामधेनु गौ माता के प्राकट्य का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर श्रृंगार किए हुए बाल ग्वाल भी उपस्थित थे। शोभा माहेश्वरी यजमान के रूप में मौजूद रहीं।
रचना मालपानी और उषा चौधरी ने जानकारी दी कि यह कथा 19 फरवरी तक चलेगी। कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से छत्रीबाग स्थित वेंकटेश मंदिर में किया जाएगा।
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