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Mutual Funds का नाम तो सुना होगा लेकिन पैसे कमाना सबको नहीं आता, चुंबक की तरह रिटर्न खींचते हैं ये 10 जुगाड़

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नई द‍िल्‍ली. हमारे रोजमर्रा के जीवन में, जब भी हम कोई महत्वपूर्ण खरीदारी करने का निर्णय लेते हैं, जैसे कि घर के ल‍िए कोई ड‍िवाइस खरीदना या पहनने से लेकर खाने तक की चीजें खरीदने से पहले हम उसके बारे में एक ड‍िटेल्‍ड यानी विस्तृत शोध करते हैं. क्‍योंक‍ि हम हमेशा अपने और अपने घर के ल‍िए बेस्‍ट चाहते हैं. उससे भी ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण बात ये है क‍ि खरीदने के बाद कहीं ऐसा न लगे क‍ि पैसा बर्बाद हो गया. इसल‍िए पहले उसके बारे में जानते हैं और फिर तय करते हैं कि क्या खरीदना है. दरअसल, इससे हमारा एक्‍सपीर‍िएंस बेहतर होता है.

म्यूचुअल फंड्स के साथ भी यही मामला है. उनमें निवेश करने से पहले, आपको कुछ चीजों के बारे में जानना जरूरी है जो आपके निवेश अनुभव को फायदेमंद बनाएंगी. इस लेख में, हम आपको यहां म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने से पहले जानने वाली 10 जरूरी बातें बता रहे हैं. म्‍यूचुअल फंड में इंवेस्‍ट करने से पहले अगर आपने इन बातों का ध्‍यान रखा तो मेरा यकीन मान‍िये, आपको अपने न‍िवेश पर कभी पछतावा नहीं होगा.

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म्यूचुअल फंड्स में न‍िवेश से पहले इन 10 बातों का रखें ध्‍यान
1. टार्गेट बनाएं: सबसे पहले, यह जानें कि आप किस उद्देश्य के लिए निवेश कर रहे हैं. क्या आप लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं या छोटी अवधि के लिए? आपके लक्ष्य के अनुसार ही फंड का चयन करें.

2. जोखिम को समझें: म्युचुअल फंड में निवेश करने से पहले उसके जोखिम को समझना बहुत जरूरी है. हर फंड का जोखिम स्तर अलग होता है, इसलिए अपने जोखिम सहनशीलता के अनुसार ही फंड चुनें.

3. फंड का परफॉर्मेंस जरूर चेक करें: फंड के पिछले प्रदर्शन को देखना जरूरी है. हालांकि, पिछले प्रदर्शन भविष्य की गारंटी नहीं देता, लेकिन इससे आपको फंड की स्थिरता और प्रबंधन की गुणवत्ता का अंदाजा लग सकता है.

4. फंड मैनेजर की योग्यता: फंड मैनेजर की योग्यता और अनुभव भी महत्वपूर्ण है. एक अच्छे फंड मैनेजर के पास बाजार की अच्छी समझ होती है और वह आपके निवेश को सही दिशा में ले जा सकता है.

5. खर्च और शुल्क: म्युचुअल फंड में निवेश करने से पहले उसके खर्च और शुल्क को समझें. कुछ फंड में उच्च शुल्क होते हैं जो आपके रिटर्न को प्रभावित कर सकते हैं.

6. डाइवर्सिफिकेशन : कहा जाता है क‍ि सारे अंडे एक टोकरी में नहीं रखने चाह‍िए. इसल‍िए अपने निवेश को अलग-अलग फंड्स में विभाजित करें. इससे जोखिम कम होता है और आपके निवेश की सुरक्षा बढ़ती है.

7. नियमित समीक्षा: अपने निवेश की नियमित समीक्षा करें. बाजार की स्थिति और आपके वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार अपने निवेश को समय-समय पर एडजस्‍ट करें.

8. सही जानकारी लें: निवेश करने से पहले सही जानकारी लें उसकी. कई सोर्स से जानकारी लेकर ही निर्णय लें.

9. सिप (SIP) का लाभ उठाएं: सिप के जर‍िए नियमित रूप से छोटे-छोटे निवेश करें. इससे आपको बाजार के उतार-चढ़ाव से बचने में मदद मिलती है.

10. टैक्‍स बेनेफ‍िट्स : म्युचुअल फंड में निवेश करने से आपको कर लाभ भी मिल सकता है. इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करें और इसका लाभ उठाएं. इन सावधानियों को ध्यान में रखकर आप म्युचुअल फंड में सुरक्षित और लाभकारी निवेश कर सकते हैं.

आमतौर पर जब आप म्यूचुअल फंड रिटर्न्स के बारे में सुनते हैं, तो वे वार्षिक रिटर्न्स होते हैं. इससे आपको ये लग सकता है कि हर साल एक जैसे रिटर्न्स मिलेंगे. मान लीजिए कि किसी म्यूचुअल फंड स्कीम का वार्षिक रिटर्न 8% है. इसका मतलब यह नहीं है कि आपको हर साल 8% का रिटर्न मिलेगा. ऐसा इसलिए है क्योंकि म्यूचुअल फंड्स के रिटर्न्स स्थिर नहीं होते. उदाहरण के लिए, एक म्यूचुअल फंड स्कीम पहले साल में आपको +10% का रिटर्न दे सकती है, जबकि दूसरे साल में यह सिर्फ -2% का रिटर्न दे सकती है. कुछ समय के लिए रिटर्न्स बिल्कुल भी नहीं मिल सकते. इसलिए, आपको अपने वार्षिक रिटर्न्स में इस उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए.

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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