Home मध्यप्रदेश The body was placed in a drum and burned in a forest...

The body was placed in a drum and burned in a forest 60 kilometers away | ड्रम में नर्स की लाश रख जंगल में जलाया: कागज के टुकड़े से मिला था सुराग, बस में शुरू हुई थी लव स्टोरी – Madhya Pradesh News

61
0

[ad_1]

मध्यप्रदेश क्राइम फाइल्स में इस बार बात एक ऐसे रहस्यमय केस की जो पुलिस के लिए पहेली बन गया। शाजापुर जिले के बेरछा के जंगल में एक ड्रम में मिली अधजली लाश ने पुलिस को हैरान कर दिया। जांच में पता चला कि यह लाश सीहोर जिले के आष्टा की एक नर्स की थी, जो अप

Google search engine

.

आखिर क्या थी उसकी मौत की वजह? और कौन थे इसके जिम्मेदार? पुलिस ने जब इस मामले की जांच की, तो सामने आया एक ऐसा सच, जिसने सभी को चौंका दिया…।

1 फरवरी 2019 को इंदरसिंह बागरी बेरछा थाने में पुलिस को सूचना देता है। बताता है कि वो ग्राम घटिया खुर्द का चौकीदार है और गांव घुंसी में रहता है। उसका भाई कालू सुबह तलाई की ओर गया था।

सूचना के बाद बेरछा थाने से पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। इंदरसिंह, धर्मेंद्र गोठी, संतोष और गोविंद सिंह के बयान लिए। मौके से पुलिस को अधजली लाश के बाएं पैर में बिछिया, हाथ में चूड़ी नुमा कड़ा और राख में से कान में पहनने के दो गोल रिंग मिले। जिससे साफ हो गया कि बॉडी किसी महिला की है, लेकिन ये महिला कौन है इसका पता नहीं चल पा रहा था।

दस्तावेज के टुकड़े, इंजेक्शन की शीशी मिली

घटनास्थल पर सीन ऑफ क्राइम यूनिट शाजापुर के वैज्ञानिक अधिकारी भी पहुंचे। महिला की लाश के पास पड़ी राख पर कुछ जले हुए दस्तावेज के टुकड़े, एक टीके का इंजेक्शन, एक कांच वाली इंजेक्शन की शीशी मिली। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस अधिकारियों के सामने अब भी ये सवाल बरकरार था कि आखिर ये महिला कौन है और इसे इस तरह क्यों जलाया गया है।

अगले दिन 1 फरवरी 2019 को सुबह 9 बजे उसी स्थान पर एक अधजली महिला की लाश पाई गई। जांच में ये भी पता चला कि अज्ञात महिला की हत्या किसी अन्य स्थान पर की गई थी। सबूत मिटाने के लिए और लाश को ठिकाने लगाने के लिए उसे यहां लाया गया था।

बेरछा पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 201, 34 के तहत केस दर्ज कर लिया।

शव के पास मिले कागज के टुकड़े से लगा सुराग

पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी थी कि आखिर ये लाश किस महिला की है। कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लग पा रहा था। इसी बीच एसपी शैलेंद्रसिंह चौहान और एएसपी गोपाल धाकड़ ने आसपास के थानों और जिलों से किसी महिला के लापता होने की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए। इस दौरान पता चला कि शाजापुर जिले से कोई महिला लापता नहीं हुई थी। पुलिस के सामने पहली चुनौती शव की शिनाख्ती ही थी।

तब की बेरछा थाना प्रभारी दीपिका शिंदे ने मुगली रोड के बारे में जानकारी निकाली तो पता चला कि ऐसी जगह आष्टा में है।

आष्टा में एक नर्स के लापता होने की जानकारी मिली

दूसरी तरफ आष्टा सिविल अस्पताल की एक नर्स (एएनएम) का ड्यूटी पर नहीं पहुंचने का मामला सामने आया। नर्स की टीकाकरण के लिए ड्यूटी लगी थी। डॉ. बुसरा सिद्दीकी ने बीएमओ को इसकी जानकारी दी। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने उसके परिजनों को बताया। सुनंदा सोनी ने अपनी बहन नर्स को फोन किया, लेकिन फोन स्वीच ऑफ आया। लापता बहन को ढूंढने के लिए सुनंदा मंडीदीप से आष्टा पहुंची। यहां वो नर्स की सहेली प्रिया पंवार से मिली। प्रिया भी सिविल अस्पताल आष्टा में नर्स का काम करती है।

उसने बताया कि 1 फरवरी 2019 शुक्रवार से वार्ड क्रमांक 16 में टीकाकरण का काम लापता नर्स को दिया था। सुपरवाइजर को चेकिंग में नर्स अनुपस्थित मिली। उसने मोबाइल लगाया तो पहले एक रिंग गई, लेकिन बाद में फोन स्वीच ऑफ हो गया। मैसेज करने पर भी लापता नर्स ने कोई जवाब नहीं दिया।

सुनंदा ने 2 फरवरी 2019 को आष्टा थाने में लापता बहन नर्स की गुमशुदगी दर्ज करवाई। तब बेरछा पुलिस को गायब नर्स के बारे में पता चला।

लाश के पास मिले सामान से हुई शिनाख्त

बेरछा पुलिस ने आष्टा पहुंचकर शव के पास मिले पाजेब, अंगूठी, गाड़ी की चाबी सहित अन्य चीजे नर्स की बहन सुनंदा और नीलम को दिखाई। उन्होंने ये सभी चीजें बड़ी बहन वंदना सोनी की होने की पुष्टि कर दी। इसी के साथ खुलासा हो गया कि अधजली लाश लापता नर्स वंदना सोनी की है।

शव की शिनाख्त नर्स वंदना सोनी के रूप में की गई।

शव की शिनाख्त नर्स वंदना सोनी के रूप में की गई।

ये भी पता चला कि वंदना की मां राधा मंडीदीप में एएनएम है। अधजली लाश की राख में से मिली चाबियों से वंदना की स्कूटी और कमरे के ताले खोले गए।

3 फरवरी की रात थाना बेरछा टीआई दीपिका शिंदे सिविल अस्पताल आष्टा पहुंचीं। उन्होंने यहां लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले। इसमें सामने आया कि आखिरी बार एएनएम एक लड़की और महिला के साथ देखी गई है। 31 जनवरी को दोपहर 12 बजे तक वो अस्पताल में ही थी।

बस कंडक्टर से रिलेशनशिप में थी

इधर, पुलिस ने वंदना के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। वंदना पहले अंसार शाह निवासी मारुपुरा के मकान में किराए से रहती थी। उसका अंसार और उसके परिवार वालों से पारिवारिक संबंध थे। आना-जाना था। कुछ समय पहले किसी विवाद के कारण वंदना ने अंसार का मकान खाली कर दिया था। वो बजरंग कॉलोनी के पास एक लॉज में रहने लगी थी।

वंदना की बहन सुनंदा के संदेह पर पुलिस ने अंसार से पूछताछ की। पता चला कि वंदना मंडीदीप की रहने वाली थी। आष्टा के सरकारी अस्पताल में 3 साल से नर्स थी।

आखिरकार वंदना से जान पहचान बढ़ाकर अंसार ने अपने ही मकान में उसे कमरा किराए से दे दिया। अंसार और वंदना के बीच रिलेशनशिप भी कायम हो गया। इसी बात को लेकर अंसार के परिवार में विवाद के कारण वंदना ने मकान खाली कर दिया था और लॉज में रहने लगी थी।

अंसार ने कबूल की हत्या, फिर भी पुलिस का संदेह बरकरार

पुलिस ने प्रेमी अंसार से पूछताछ की। थोड़ी सख्ती दिखाई तो वो टूट गया। आखिर में उसने नर्स वंदना के साथ अपने संबंधों को स्वीकारते हुए खुद ही हत्या करना कबूल लिया।

ग्राम घुंसी से ही पेट्रोल खरीदने वाले एक युवक की भूमिका भी सामने आई, जो रामचरण उर्फ गुड्‌डू निकला। गुड्‌डू तांत्रिक था। वो भी अंसार के मकान में किराए से रहता था और वंदना का पड़ोसी था।

ड्रम में लाश थी, ड्राइवर ने पूछा तो बताया गेहूं और कपड़े

गुड्‌डू ही वो शख्स था जो कार में वंदना की लाश को आष्टा से ग्राम घुंसी लेकर आया था। ड्राइवर सौरभ ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि वो रामचरण उर्फ गुड्‌डू को जानता है। कार पंकज सेन की है। जिसे वह चलाता है। 31 जनवरी 2019 को ड्राइवर घनश्याम ने उसे फोन लगाया था और कहा था कि सवारी की बुकिंग है। इसके बाद उसने गुड्‌डू के नंबर सेठ पंकज को दिए थे।

गुड्‌डू ने पंकज को बताया कि पत्नी का ऑपरेशन करवाया है। गेहूं और कपड़े लेकर ससुराल जाना है। 1300 रुपए में गाड़ी किराए पर लेना तय हुआ।

गुड्‌डू से बात करने के बाद सेठ पंकज ने उसे गाड़ी खतरी मार्केट आष्टा ले जाने के लिए कहा। वहां पहले से गुड्‌डू खड़ा था। उसने गुड्‌डू से पूछा कि कहां चलना है तो उसने घुंसी जाने की बात कही। गुड्‌डू ने पास में रखा ड्रम उठाकर गाड़ी में रखने के लिए मदद मांगी। ड्रम को उठाकर गाड़ी की पीछे वाली सीट पर रख दिया। जब उसने गुड्‌डू से पूछा कि ड्रम में क्या है तो गुड्‌डू ने ड्रम में गेहूं और कपड़े होना बताया। ग्राम घुंसी के जंगल पहुंचने पर गुड्‌डू ने ड्रम उतरवा लिया। फिर उसने गुड्‌डू को ससुराल घुंसी छोड़ा।

250 रुपए में लाश जलाने के लिए खरीदा 3 लीटर पेट्रोल

वहीं पुलिस को गांव घुंसी के बालचंद पंवार ने बताया कि गुड्‌डू गांव का जमाई है। 31 जनवरी की शाम साढ़े सात बजे गुड्‌डू उसके घर आया था। कहा कि उसकी कार में पेट्रोल खत्म हो गया है। 5 लीटर पेट्रोल की मांग की। उसके पास 3 लीटर पेट्रोल था जो उसने गुड्‌डू को 250 रुपए में बेच दिया।

क्राइम फाइल्स के पार्ट 2 में जानिए इन सवालों के जवाब

– वंदना को क्या वाकई अंसार ने ही मारा?

– क्या असली कातिल कोई और था?

– पुलिस कैसे असली कातिल तक पहुंची?

– आरोपियों को कोर्ट ने क्या सजा दी?

– नर्स की हत्या का मकसद क्या था?

मध्यप्रदेश क्राइम फाइल्स सीरीज की ये खबरें भी पढ़ें…

15 दिन लापता…फिर जंगल में नग्न हालत में मिली लाश

एक बरसाती नाला, जो मई की गर्मी में करीब-करीब सूख चुका है। यहां दो मजदूर गड्ढा खोद रहे हैं, साथ में है पुलिस के अधिकारी। काफी देर तक गड्ढा खोदने के बाद भी मजदूरों के हाथ कुछ नहीं लगा, तब अधिकारी बोले- थोड़ा और खोदो। कुछ ही देर बाद गड्ढे से एक महिला की लाश निकली। लाश के कपड़े गायब थे। वह आधी सड़ चुकी थी क्योंकि इसे दफनाने के बाद नमक और यूरिया डाला गया था। पढ़ें पूरी खबर…

मामा ने ही की थी भांजी की हत्या, सिर पर पत्थर से किया था वार

29 अप्रैल 2016 को लीना जमीन की नपती के बाद तार की फेंसिंग कराने के लिए गई थी। जहां उसका मामा प्रदीप से विवाद हो गया था। इसके बाद वो लापता हो गई। मामा ने थाने पहुंचकर लीना की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस को लीना का मोबाइल ट्रेन में मिला था। इसी मोबाइल के जरिए मिले सुरागों की कड़ी जोड़ते हुए पुलिस उस गड्ढे तक जा पहुंची, जहां हत्या के बाद लीना को दफनाया गया था। पढ़ें पूरी खबर…​​​​​​​​​​​​​​

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here