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दुख का टूटा पहाड़! महिला ने अचार के काम में लगाया दिमाग, लिया लोन..और आज इतनी है कमाई

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Success Story: आज हम आपको जिले की ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और आज वह अपने खुद के बनाए अचार से इतनी तरक्की हासिल कर चुकी हैं, कि कई लोगों को वे रोजग…और पढ़ें

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इनके अचार के दीवाने हैं लोग 

हाइलाइट्स

  • जूली प्रवीण ने अचार उद्योग से सफलता पाई
  • लॉकडाउन में पति की नौकरी जाने पर अचार बनाना शुरू किया
  • सरकार से 2 लाख का लोन लेकर कारोबार बढ़ाया

सहरसा:- कहते हैं अगर मन में जुनून हो और कुछ करने का जज्बा हो तो घर बैठी महिलाएं भी घर से बाहर निकल कर कुछ बेहतर रोजगार स्थापित कर सकती हैं. कुछ ऐसा ही मामला सहरसा से सामने आया है, जहां सहरसा की रहने वाली जूली प्रवीण ने खुद के अचार उद्योग को न केवल स्थापित किया, बल्कि आज कई लोगों को रोजगार भी दे रही हैं. जूली परवीन सहरसा जिला मुख्यालय के चांदनी चौक की रहने वाली हैं. इनका अचार उद्योग सहरसा के बस्ती में स्थित है, इनके यहां कई प्रकार का अचार तैयार किया जाता है. जिनमें बिरयानी अचार, मिक्स अचार, ग्रीन चिल्ली अचार, इमली जैसे कई तरह का अचार तैयार होता है. इनके अचार की डिमांड सहरसा में ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों में भी है. तो चलिए जानते हैं इनकी कहानी, कैसे उन्होंने अचार की शुरुआत की

लॉकडाउन में पति की चली गई नौकरी
आपको बता दें, कि जूली के यहां तक पहुंचने का सफर काफी कठिनाइयों से भरा रहा है. पहले जूली के पति की नौकरी चली गई. उन्हें लॉकडाउन के दौरान काफी दिक्कतें हुईं, फिर जूली ने यह सोचा क्यों ना घर बैठकर कुछ काम किया जाए. जूली ने फिर खुद से अचार बनाना शुरू कर दिया और फिर मार्केट में उतारा. फिर क्या था, जूली के हाथों का बना आचार लोगों को खूब पसंद आया. लोग उनके अचार के स्वाद के दीवाने हो गए. जिसके बाद जूली का हौसला बढ़ा और उन्हें उनके पति और उनके पिता सहित परिवार के सभी सदस्यों का सहयोग मिला, और जूली सफलता की सीढ़ी चढ़ती चली गईं.

काफी फायदा मुझे मिल रहा है
इस बारे में लोकल 18 से खास बातचीत के दौरान जूली परवीन बताती हैं, कि पहले की और अब की स्थिति में काफी बदलाव हुआ है. लगभग 3 सालों से अचार का कारोबार कर रहे हैं, जिसमें काफी फायदा मुझे मिल रहा है. सरकार का भी सहयोग मिला और 2 लाख का लोन प्रदान किया गया. जिसके सहयोग से मेरा कारोबार और भी आगे बढ़ा. आज खुद का मिथिला अचार का ब्रांड खोल रखें है.  आगे वे बताती हैं, कि सहरसा जिले के साथ ही आसपास के कई जिलों में मेरे यहां से तैयार अचार सप्लाई होता है. लोगों को भी खूब पसंद आता है और इस काम में मेरे पति का काफी सहयोग मिला. आज सब साथ मिलकर इस उद्योग को चला रहे हैं.

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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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