Home मध्यप्रदेश Special importance of Kanya Pujan and food in the worship of Goddess...

Special importance of Kanya Pujan and food in the worship of Goddess during Navratri – Dr. Girishanandji Maharaj | इंदौर के शंकराचार्य मठ में प्रवचन: नवरात्रि में देवी की आराधना में कन्या पूजन और भोजन का विशेष महत्व- डॉ. गिरीशानंदजी महाराज – Indore News

63
0

[ad_1]

भगवती जगदंबा की आराधना में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। नियमानुसार 9 साल की कन्या का पूजन किया जाता है। नवरात्रि में तो कन्या पूजन कर उन्हें भोजन कराने का विशेष पुण्य मिलता है। कन्या भोजन में ब्राह्मण को स्वजाति की ही कन्या को जिमाने का विधान है। क्

Google search engine

.

एरोड्रम क्षेत्र में दिलीप नगर स्थित शंकराचार्य मठ इंदौर के अधिष्ठाता ब्रह्मचारी डॉ. गिरीशानंदजी महाराज ने अपने नवरात्रि के प्रवचन में गुरुवार को यह बात कही।

महाराजश्री ने कहा कि भगवती की आराधना से राजा सुरथ को अखंड साम्राज्य की प्राप्ति हुई थी। भगवती अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष देने वाली हैं, दुर्गासत्पशती में भक्ति, ज्ञान, कर्म तीनों का उल्लेख है। इसके कारण कामना से पूजन करने वाले की कामना पूरी होती है। मोक्षार्थी को मोक्ष मिलता है। यदि किसी कामना को लेकर पूजन-अर्चन किया जाता है और उसमें कोई त्रुटि हो जाती है, तो दंड मिलता है। निष्काम भाव से पूजन किया जाता है तो त्रुटि होने पर कोई दंड नहीं मिलता और माता अपने आराधक पर कृपा करके उसे सबकुछ प्रदान कर देती हैं। बिन मांगे मोती मिले, मांगे मिले न भीख…. वाली कहावत को चरितार्थ करती हुई भगवती अपने सेवकों पर पूर्ण कृपा करती है। कहा भी जाता है कि पुत्र-कुपुत्र हो जाए पर माता कभी कुमाता नहीं होती।

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here