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Obstruction of potholes in the path of immersion | विसर्जन की राह में गड्ढों का विघ्न: सागरताल पर होगा बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन, निगम ने लोगों से मांगी गड्ढों की जानकारी – Gwalior News

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छोटी प्रतिमाओं का विसर्जन कटोराताल पर

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शहरभर में गणेश महोत्सव की धूम है। महोत्सव से पहले ही शहरभर में 18 से लेकर 25 फीट की ऐसी लगभग 10 प्रतिमाएं खराब सड़कों और जगह-जगह तारों के झुंड से बचाकर पंडाल में मुश्किल से स्थापित हो सकी है। खल्लासीपुरा के राजा गणपति की 25 फीट की प्रति​मा पंडाल में पहुंचने से पहले खराब सड़कों की वजह से दुर्घटना का शिकार हो गई। इस बार जो प्रति​माएं पंडालों में स्थापित हो चुकी हैं अब उनके सामने बड़ी चुनौती विसर्जन को लेकर है।

इसका कारण है कि जिस रास्ते से उन्हें सागरताल तक का सफर करना है वहां जगह-जगह टूटे-फूटे रास्ते हैं। साथ ही ऊपर बिजली, वाई-फाई (इंटरनेट) और डिस्क की केबल भी रास्ता रोकने को तैयार है। ऐसे में गणेश विसर्जन के दौरान एक बार फिर श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आनन-फानन में निगम ने सड़कों पर कई जगह सफेद गिट्टी डालकर गड्ढों को भरने की कोशिश शुरू कर दी है, लेकिन इनका लेबल ठीक नहीं होने से मूर्तियों को निकालते वक्त कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

निगम के जानकारों का कहना है कि अभी बारिश का सीजन खत्म नहीं हुआ है। डोल ग्यारस तक बारिश होती है तब सड़कों की हालात ज्यादा खराब हो सकती है। जिला प्रशासन ने गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए सागरताल स्थल को तय किया है। छोटी प्रतिमाएं कटोरा ताल में विसर्जित होंगी।

खस्ताहाल सड़क के गड्ढों में गिट्टी भरकर काम चला रहा निगम

  • छप्परवाला पुल से शिंदे की छावनी: यहां सीवर लाइन के कारण सड़क में गड्ढे है। 25 फीट की गणेश प्रतिमा यही ​गिर गई थी।
  • अचलेश्वर मंदिर से ऊंट पुल तक: इस मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे है। इंदरगंज थाने से ऊंट पुल तक 100 से ज्यादा गड्ढे है।
  • फालका बाजार से छप्परवाला पुल: यहां राम मंदिर से लेकर छप्परवाला पुल तक सड़क पर 150 से अधिक गड्ढे है।
  • रामदास घाटी से बहोड़ापुर: घाटी पर पानी का वाल्व लगा है। ये रोड से 12 इंच ऊंचा है। ये रास्ता बारिश से खराब हो गया।
  • हनुमान चौराहे से जीवाजी गंज: यहां मंदिर के आगे गड्ढे है। जीवाजी गंज के नजदीक कुछ बारिश से गड्ढे हो चुके हैं।
  • सागरताल से चार शहर का नाका: इस सड़क में कुछ स्थानों पर गड्ढे है। इनसे दिक्कत आ सकती है।
  • बिरलानगर 50 क्वाटर्स मार्ग: यहां पर 3 स्थानों पर गड्ढे है। उनमें सफेद​ गिट्टी भरी दी है, लेकिन इसे समतल नहीं किया।
  • गोले का मंदिर चौराहा: कालपी ब्रिज मार्ग पर सीवर लाइन का काम 15 दिनों से चल रहा है। इससे सड़क खराब हो गई है।

नियम… 22 फीट ऊंचे हो तार, कई जगह 10 फीट ऊंचे लगे हैं वाई-फाई, डिस्क के तार

इन रास्तों पर भी 10 से 15 फीट पर हैं ​केबल: ब्रिग्रेडियर तिराहे से गोले का मंदिर, अचलेश्वर मार्ग से ऊंट पुल, फालका बाजार, शिंदे की छावनी, बहोड़ापुर, अग्रसेन चौराहा ऐसे मार्ग हैं, जहां जगह-जगह सड़क क्रास करती 10 से 15 फीट की ऊंचाई पर बिजली, डिस्क की केबल हंै।

बिजली कंपनी:तारों का जाल, किराए से मतलब

नियमानुसार एलटी लाइन कम से कम 22 फीट ऊंची होनी चाहिए। लेकिन शहरभर में वाईफाई नेटवर्क, केबल नेटवर्क आदि के तारों का जाल फैला है। टेलीकॉम कंपनियों से बिजली कंपनी को किराया मिलता है, लेकिन बिजली कंपनी इन पर कार्रवाई नहीं करती। बिजली कंपनी के शहर वृत्त के महाप्रबंधक नितिन मांगलिक ने कहा कि समय-समय पर टीम कार्रवाई भी करती है।

विसर्जन स्थल: इन तीन मोबाइल नंबर पर भेजने होंगे गड्ढों के फोटो

निगम ने शिंदे की छावनी में गणेश प्रतिमा खंडित होने के बाद 3 अधिकारियों को मोबाइल नंबर जारी किए है। सागरताल पर बड़ी प्रतिमा के विसर्जन के दौरान खराब रास्तों को सही कराने के लिए मोबाइल नंबर 9111126131, 9425126131 और 9406915841 जारी किए हैं। इन पर विसर्जन के रास्ते के गड्ढे के फोटो अपलोड कर सकते हैं।

संतों का संदेश- मूर्ति इतनी बड़ी स्थापित करें जिसे लाने और ले जाने में नहीं आए परेशानी, ठीक से हो जाए विसर्जन

लाल टिपारा गौ शाला के संत ऋषभ आनंद ने बताया कि भगवान की पूजा करते समय रोज तिलक करना जरूरी है। इसलिए छोटी मूर्तियां स्थापित करनी चाहिए। गणेशजी की बड़ी मूर्ति के कारण यातायात में विघ्न आता है, जो अनुचित है। इसलिए छोटी प्र​तिमा स्थापित करें, जिससे परेशानी न हो।

गंगादास की बड़ी शाला के महंत स्वामी रामसेवक दास का कहना है कि गणेश मंदिर में पूजन करना श्रेष्ठ है। पंडालों में मूर्ति बिठानी है तो छोटी प्रतिमा ही स्थापित करना चाहिए, जिससे प्रतिमा लाते-ले जाते समय खंडित न हो। पंडालों में लाते-ले जाते समय मूर्तियां खंडित हो जाती हैं।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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