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मुरैना के बानमोर में आरओ प्लान्ट की आढ़ में बन रही अवैध शराब की फैक्ट्री को सबसे पहले मुरैना की साइबर टीम ने पकड़ा था। उसके बाद एसडीओपी दीपाली चन्दौरिया को खबर की थी।इस फैक्ट्री का मालिक वह आरोपी है जो मुरैना में जहरीली शराब बनाने में ओपी(एक प्रकार की स्प्रिट) का सप्लायर था।
बता दें, कि लगभग तीन वर्ष पहले मुरैना के छैरा में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हुई थी। इस कांड के बाद भिण्ड के रौन कस्बे में उसी ओपी से बनी जहरीली शराब पीने से तीन लोगों की मौत हुई थी। उन तीन लोगों ने जिस शराब को पिया था, उसे ओपी से बनाया गया था तथा उस ओपी को शनि सिकरवार ने सप्लाई दिया था। उसी केस में शनि सिकरवार के खिलाफ बागचीनी, जौरा, कैलारस तथा सबलगढ़ में मुकदमें कायम थे। मुरैना की साइबर टीम को मुखबिर ने सूचना दी कि शनि सिकरवार ओपी(स्प्रिट) का काम कर रहा है तो पुलिस ने उसका मोबाइल नंबर ट्रेस किया। नंबर ट्रेस करने पर यह पकड़ में आ गया।

देशी शराब के पौवों पर चिपकाने वाले रैपर मौके से मिले
मोबाइल पर आने वाले कॉल ने पकड़ाई फैक्ट्री
शनि सिकरवार के मोबाइल पर बार-बार एक नंबर से कॉल आ रहा था। साइबर टीम ने उस नंबर के बारे में पता किया तो पता लगा कि वह एक आरओ प्लान्ट पर मौजूद व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है। उस लड़के का निक नाम मंत्री था। इस पर साइबर टीम के सदस्य बानमोर के शनीचरा मार्ग पर फाटक पार बगल में बनी एक नव विकसित कॉलोनी में गए जहां कॉलोनी के आखिरी में आरओ वाटर प्लान्ट लगा हुआ था। साइबर टीम को उस आरओ प्लान्ट पर चार लोग मिले। साइबर टीम ने उनसे पूछताछ की तो तथा तलाशी ली तो ड्रमों में ओपी मिली देशी शराब रखी थी। इस पर साइबर टीम का शक और बढ़ गया तो टीम के सदस्यों ने अन्दर जाकर देखा तो पूरा वारदाना रखा था। वारदाने में एल्कोहल मीटर था। पेकिंग मशीन, पेटीयां, खाली पौवे, कार्टून व ढक्कन थे। इस मामले में एक अन्य आरोपी ऑफीसर यादव फरार चल रहा है।

स्प्रिट को नाप कर देशी शराब में मिलाया जा रहा था। मौके से नापने के मीटर जब्त
साइबर टीम के इन सदस्यों ने पकड़ी फैक्ट्री
साइबर टीम के जिन सदस्यों ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया है उनमें अभिषेक जादौन प्रभारी सायबर सेल, सब इन्सपेक्टर विवेक शर्मा, कुलदीप भदौरिया, रामकशिन जादौन, प्रशान्त दण्डौतिया, शेलेन्द्र जाट, राहुल कुशवाह व सुदेश कुमार शामिल हैं।

मौके से मिले ड्रम जिनमें भरी रखी थी 600 लीटर देशी शराब
बानमोर पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में
जानकारों की माने तो उस एरिया में यह आरओ प्लान्ट लंबे समय से संचालित था तथा उसकी आढ़ में अवैध देशी शराब बनाई जा रही थी। यहां तक कि उस आरओ प्लान्ट का पानी पूरे बानमोर क्षेत्र में सप्लाई किया जा रहा था। इसके अलावा ओपी स्प्रिट से बनाई गई शराब भी धड़ल्ले से सप्लाई की जा रही थी। जिसकी खबर सायबर टीम को लगी तो उन्होंने शनि सिकरवार को उसके नंबर से ट्रेस किया, लेकिन इसकी जानकारी बानमोर थाना पुलिस को क्यों नहीं थी, इस पर अब सवाल खड़ा हो रहा है।
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