Home मध्यप्रदेश जानलेवा सेल्फी:सहस्त्रधारा के तेज बहाव में बहा शख्स, डेंजर जोन के पास...

जानलेवा सेल्फी:सहस्त्रधारा के तेज बहाव में बहा शख्स, डेंजर जोन के पास पत्थरों पर झुककर खींच रहा था तस्वीर – A Person Drowned In The Strong Current Of Sahastradhara, Leaning On The Stones Near The Danger Zone

56
0

[ad_1]

A person drowned in the strong current of Sahastradhara, leaning on the stones near the danger zone

Google search engine

सहस्त्रधारा में डूबने से शख्स की मौत
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महेश्वर के सहस्त्रधारा में गुरुवार को डूबने से एक शख्स की जान चली गई। महेश्वर के सहस्त्रधारा और नर्मदा नदी के घाट में बीते 10 साल में करीब 250 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। यहां हो रहे हादसों की वजह यहां खतरनाक और गहराई वाले स्थलों पर चेतावनी बोर्ड और घाट पर सुरक्षा गार्ड का न होना है। सुरक्षा के इंतजाम की पहल नहीं होने से मौत के आंकड़े में एक और संख्या बढ़ गई। धरमपुरी (धार) के विधायक पांचीलाल मेढा ने घटना पर दुःख व्यक्त किया है, साथ ही मृतक के परिजन को तत्काल पांच लाख का मुआवजा देने की मांग की है।  

पुलिस के अनुसार मृतक का नाम कमलेश पिता कन्हैयालाल पाटीदार (45 वर्ष) निवासी बिलोदा बागड़ी, नालछा, जिला धार है। कमलेश अपने रिश्तेदार के साथ नर्मदा स्नान के लिए महेश्वर आए थे। सहस्त्रधारा जलकोटि में वे डेंजर जोन में पत्थरों से झुक कर सेल्फी ले रहे थे, तभी पैर फिसला और तेज धारा में जा गिरे। 16 लाख गैलन प्रति घंटा  तेज धारा उन्हें देखते ही देखते बहा ले गई। साथ के लोगों ने उन्हें बचाने के प्रयास किए, लेकिन नाकाम रहे। शुक्रवार सुबह मृतक के परिजन के साथ धरमपुरी (धार) के विधायक पांचीलाल मेढा भी सहस्त्रधारा पहुंचे। घटनास्थल से करीब 200-300 मीटर दूर मृतक का शव नजर आने पर वे स्वयं तैरकर पहुंचे और शव को निकलवा कर अस्पताल पहुंचाया।  इस मामले में पुलिस के रवैये पर भी सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। मृतक कमलेश तैरना जानते थे, लेकिन तेज बहाव में तैरना हर किसी के बूते की बात नहीं होती। 

गर्मी में बढ़ जाते हैं हादसे 

गर्मी शुरू होते ही सहस्त्रधारा आने वाले सैलानियों की संख्या बढ़ जाती है। यह सिलसिला बारिश शुरू होने  पर जुलाई में ही थमता है। यही वह समय है जब सहस्त्रधारा में सर्वाधिक घटनाएं होती हैं। इस साल भी मार्च से अब तक सहस्त्रधारा में पांच लोगों की बहने से मौत हो चुकी है। इसलिए समय की मांग यह है कि यहां तत्काल सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। यदि इस बारे में सरकारी गति से निर्णय लिया गया तो मौत के आंकड़ों को बढ़ने से रोकना संभव नहीं होगा और इसकी जिम्मेवारी प्रशासन के सर ही होगी। 

मौत के लिए शासन जिम्मेदार 

धरमपुरी (धार) के विधायक पांचीलाल मेढा ने घटना पर गहन शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा सहस्त्रधारा में सुरक्षा के अपर्याप्त इंतजाम से कमलेश पाटीदार की जान गई है। उन्होंने घटना के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए मृतक के परिजन को तत्काल पांच लाख रुपए की मुआवजा राशि और  सहस्त्रधारा में तत्काल सुरक्षा के माकूल इंतजाम करने की मांग शासन से की है।   

जल्दी होंगे सुरक्षा इंतजाम 

6 अप्रैल की घटना से एसडीएम अग्रिम कुमार को फिर अवगत करवाने पर उनका जवाब था कि सहस्त्रधारा में सुरक्षा इंतजाम करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। अभी प्रशासनिक अमला मुख्यमंत्री की 14 अप्रैल की यात्रा को लेकर व्यस्त है, सहस्त्रधारा में जल्दी ही काम शुरू कर दिए जाएंगे। 

यह कदम तत्काल उठाएं  

  • सहस्त्रधारा में खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड और बड़े पत्थरों पर सूचनाएं लिखवाई जाएं, ताकि खतरे वाले स्थानों से आगाह हो सकें और उन स्थानों पर जाने से बचें।
  • आपात स्थिति में मदद के लिए सहस्त्रधारा में प्रशिक्षित तैराकों की तत्काल नियुक्त की जाए।
  • पर्यटन विभाग जलकोटि क्षेत्र में तत्काल पुलिस चौकी बनाए, जहां 1+4 का फ़ोर्स तैनात हो। 
  • क्षेत्र में दो चौकीदारों की तत्काल नियुक्ति की जाए, जो डेंजर जोन में पहुंचकर सेल्फी लेने वालों को रोक सकें। 
  • पर्यटन विभाग ऊंचाई पर व्यू-प्वाइंट बनाए, ताकि सेल्फी के लालच में सैलानी डेंजर जोन में जाने से बचें।

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here