Home खास खबर बकस्वाहा में ‘मौत’ के गुबार उड़ा रहे स्टोन क्रेशर: नियम कागजों में,...

बकस्वाहा में ‘मौत’ के गुबार उड़ा रहे स्टोन क्रेशर: नियम कागजों में, धूल फेफड़ों में! अवैध उत्खनन के खेल पर अब खनिज विभाग की नजर

125
0

बकस्वाहा | 27 जनवरी 2026 बकस्वाहा क्षेत्र में संचालित स्टोन क्रेशर आज विकास के नाम पर विनाश का पर्याय बन चुके हैं। नियम-कायदों को क्रेशर की मशीन में पीसकर उड़ाने वाले संचालकों ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। जहरीली धूल, खोखली होती जमीन और अवैध खनन के आरोपों के बीच आखिरकार नींद से जागे खनिज विभाग ने जांच शुरू की है, लेकिन सवाल वही है— कार्रवाई होगी या सिर्फ खानापूर्ति?

SRD क्रेशर: नियमों की ‘धज्जियां’ और धूल का ‘साम्राज्य’

ग्राम मादपुर के पास संचालित SRD स्टोन क्रेशर (संचालक मनोज शर्मा) की मनमानी का आलम यह है कि यहां प्रदूषण नियंत्रण के सारे दावे फेल हैं। जांच में पाया गया कि प्लांट में न तो बाउंड्री वॉल है, न हरियाली और न ही धूल रोकने के लिए वाटर स्प्रिंकलर। मादपुर रोड से आधा किलोमीटर दूर होने के बावजूद क्रेशर से उठने वाला गुबार मुख्य सड़क को अपनी गिरफ्त में ले लेता है, जिससे राहगीरों को दिन में भी अंधेरा नजर आता है।

अवैध खनन का ‘बड़ा खेल’: एक लीज, कई खदान!

ग्रामीणों ने बेहद गंभीर खुलासा किया है। आरोप है कि संचालक एक खदान की लीज की आड़ में आस-पास की कई जगहों पर अवैध रूप से ‘मशीनी सर्जिकल स्ट्राइक’ कर सैकड़ों घनमीटर पत्थर निकाल रहा है। यह महज प्रदूषण का मामला नहीं, बल्कि शासन के राजस्व को करोड़ों का चूना लगाने वाला एक बड़ा खनन घोटाला प्रतीत होता है।

Google search engine

फसलें तबाह, सांसों पर संकट

मादपुर के किसानों का दर्द फूट पड़ा है। क्रेशर की धूल ने खेतों को ‘सफेद रेगिस्तान’ बना दिया है, जिससे फसलें पूरी तरह बर्बाद हो रही हैं। घरों के अंदर तक धूल की परत जम रही है, जिसके कारण बच्चों और बुजुर्गों में दमा और सांस की बीमारियां फैल रही हैं। बकस्वाहा-सागर मुख्य मार्ग पर उड़ता यह ‘जहर’ किसी भी दिन बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकता है।

खनिज विभाग की जांच: क्या गिरेगी गाज?

जिले से पहुंचे खनिज सर्वेयर मुनेंद्र सिंह ने जब एसआरडी क्रेशर का निरीक्षण किया, तो वहां अनियमितताओं का अंबार मिला। न पानी का छिड़काव, न सुरक्षा दीवार। विभाग ने मौके पर पंचनामा तो तैयार कर लिया है, लेकिन ग्रामीण अब ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here