Home एक्सक्लूसिव तंबाकू वाले गुरुजी” पर चला सीईओ नमः शिवाय अरजरिया का हंटर: नारायणपुरा...

तंबाकू वाले गुरुजी” पर चला सीईओ नमः शिवाय अरजरिया का हंटर: नारायणपुरा स्कूल में ‘ऑन द स्पॉट’ सस्पेंशन!

39
0

#छतरपुर। जब सिस्टम को सुधारने की नीयत साफ हो, तो फील्ड पर एक्शन भी ‘ऑन द स्पॉट’ दिखता है। जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने आज पठापुर के नारायणपुरा स्कूल में औचक दस्तक देकर यह साफ कर दिया कि सरकारी कुर्सी पर बैठकर सिर्फ ‘तंबाकू के कत्थे’ नहीं लगाए जा सकते, बल्कि बच्चों का भविष्य भी संवारना होगा।

#प्रभारी सस्पेंड

Google search engine

​नारायणपुरा प्राथमिक शाला के प्रभारी मोहनलाल मिश्रा के लिए आज का दिन ‘भारी’ रहा। क्लासरूम में बच्चों के हाथ में कलम होनी चाहिए थी, लेकिन गुरुजी की टेबल पर तंबाकू और चूने की डिब्बी सजी हुई थी। सीईओ ने जब बच्चों से हिंदी पढ़वाई, तो शिक्षा का स्तर देखकर वे दंग रह गए। जिस शिक्षक के कंधों पर बच्चों की नींव मजबूत करने का जिम्मा था, वे खुद ही नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे थे।

#सीईओ ने मौके पर ही अनुशासन का हंटर चलाया और जिला शिक्षा अधिकारी को प्रभारी शिक्षक के निलंबन के कड़े निर्देश थमा दिए।

#ड्यूटी से ‘नदारद’ रहना पड़ेगा महंगा

​स्कूल में केवल तंबाकू की समस्या नहीं थी, बल्कि अनुशासन भी पूरी तरह गायब था। दो शिक्षिकाएं—वंदना गुप्ता और संजू चौरसिया—ड्यूटी से नदारद मिलीं। बिना सूचना गायब रहने वाली इन शिक्षिकाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन की इस सख्ती ने जिले के उन शिक्षकों की नींद उड़ा दी है जो स्कूल को ‘आरामगाह’ समझते हैं।

#दीवारें बोलेंगी और बच्चे सीखेंगे: नया विजन

​माध्यमिक शाला में उपस्थिति तो बेहतर मिली, लेकिन सीईओ अरजरिया वहां के ‘भौतिक परिवेश’ से संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने शाला प्रभारी को विजनरी निर्देश दिए:

​नक्शों से पहचानेंगे दुनिया: दीवारों पर देश और प्रदेश के नक्शे लगाए जाएं।

#क्लासरूम में महापुरुषों के चित्र हों ताकि बच्चों को संस्कार और प्रेरणा मिल सके।

#सिर्फ किताबों तक सीमित न रहकर बच्चों को खेल-खेल में सिखाने की व्यवस्था की जाए।

#एक्शन ही असली समाधान

​छतरपुर जिले में शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जिला पंचायत सीईओ का यह ‘प्रहार’ सराहनीय है। अक्सर निरीक्षण के नाम पर औपचारिकताएं होती हैं, लेकिन श्री अरजरिया ने सीधे खामियों पर चोट की है। कक्षा में तंबाकू मिलना न केवल अनैतिक है बल्कि कानूनन अपराध भी है। एक प्रशासनिक अधिकारी का इस तरह क्लासरूम के भीतर जाकर बच्चों का शैक्षिक स्तर जांचना और तुरंत कार्रवाई करना, एक जवाबदेह प्रशासन की असली पहचान है।

​नारायणपुरा का यह मामला उन सभी के लिए सबक है जो सरकारी वेतन तो पूरा लेते हैं, लेकिन जिम्मेदारी ‘किस्तों’ में भी नहीं निभाते…

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here