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रेडीमेड और मोबाइल दुकान से नहीं बनी बात, किचन को ही बना लिया कमाई का जरिया, सालाना 15 लाख है टर्नओवर

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Rohtas Sanjay Prasad Success Story: रोहतास के विक्रमगंज निवासी संजय प्रसाद गुप्ता घरेलू खाद्य पदार्थ से अपनी खास पहचान बनाई है. इनके प्रोडक्ट दिल्ली जैसे शहरों में भी बिकती है. संजय प्रसाद गुप्ता अपनी पत्नी के …और पढ़ें

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हाइलाइट्स

  • संजय प्रसाद ने घरेलू खाद्य पदार्थ से बनाई खास पहचान.
  • सालाना 15 लाख के टर्नओवर के साथ आत्मनिर्भर बने.
  • 245 प्रकार के उत्पाद घर पर ही तैयार करते हैं.

रोहतास. कहा जाता है कि जब एक रास्ता बंद हो जाता है, तो मेहनत और हौसले से कई नए रास्ते खुल जाते हैं. रोहतास जिला के बिक्रमगंज निवासी संजय प्रसाद गुप्ता ने इस कहावत को पूरी तरह से सच कर दिखाया है. एक समय था जब उनका रेडीमेड कपड़ों का व्यवसाय ठप हो गया. उसके बाद उन्होंने मोबाइल की दुकान खोली, लेकिन किस्मत ने वहां भी साथ नहीं दिया. लगातार असफलताओं के बाद जहां लोग हार मान लेते हैं, वहीं संजय प्रसाद ने ठान लिया कि अब वो अपने घर की रसोई को ही अपनी कमाई का जरिया बनाएंगे. यहीं से उनकी आत्मनिर्भरता का सफर शुरू हुआ और अब अच्छी कमाई भी कर रहे हैं. 

घरेलू प्रोडक्ट तैयार कर बनाई खास पहचान

संजय प्रसाद अपने हाथों से घरेलू खाद्य पदार्थ तैयार करते हैं. उनका घरेलू खाद्य उत्पाद न केवल बिहार बल्कि दिल्ली जैसे बड़े शहरों में भी अपनी पहचान बना चुका है. उनके बनाए गुड़ के लड्डू पटना के खादी मॉल में खासे लोकप्रिय हैं, वहीं तिसी (अलसी) के लड्डू दिल्ली स्थित बिहार निवास में भी बिक रहे हैं. उनका एक और खास प्रोडक्ट मशरूम से बना लड्डू और लाई मार्केट में तहलका मचा रहा है. संजय बताते हैं कि जब मशरूम की खेती शुरू की, तो पैदावार अधिक हो गई. ऐसे में मशरूम से कुछ नए प्रोडक्ट बनाने की सोची और फिर स्वादिष्ट और पौष्टिक लड्डू और लाई बनाना शुरू किया. इसे बनाने की प्रक्रिया को लेकर संजय गुप्ता ने बताया कि सबसे पहले मशरूम को छोटे टुकड़ों में काटकर कपड़े से ढककर अच्छी तरह सूखाया जाता है, ताकि उसमें फंगस न लगे. फिर सूखे मशरूम को पीसकर पाउडर बनाया जाता है और उसमें गुड़ मिलाकर स्वादिष्ट लड्डू तैयार किए जाते हैं. 

सालाना 15 लाख से अधिक है टर्नओवर

उनके अनुसार ऑयस्टर मशरूम में 69% और बटन मशरूम में 34% प्रोटीन होता है. यही वजह है कि उनके बनाए उत्पाद केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि पोषण से भी भरपूर है. संजय प्रसाद ने कृषि विज्ञान केंद्र और  उद्योग समूह की मदद से सिर्फ 5 उत्पादों से शुरुआत की थी. लेकिन आज वे अपनी पत्नी के साथ मिलकर बड़ी, पापड़, अचार, मिठाइयां समेत 245 प्रकार के उत्पाद घर पर ही तैयार करते हैं. उनके बनाए अचार पटना के कई मॉल्स में बिकते हैं और दिल्ली के विकास मार्ग, सीपी जैसे स्थानों पर भी इनके ग्राहक हैं. सबसे खास बात यह है कि संजय अपने सभी उत्पादों में केवल घरेलू और प्राकृतिक सामग्री का उपयोग करते हैं.

वे बताते हैं कि जो भी एक बार उनके उत्पादों को चखता है, वह उनका स्थायी ग्राहक बन जाता है और यही उनकी आय और सफलता का सबसे बड़ा स्त्रोत है. संजय प्रसाद सालाना 15 लाख के टर्नओवर के साथ पूरी तरह आत्मनिर्भर बन गए हैं और अपनी मेहनत, प्रयोग और लगन से एक मिसाल बन चुके हैं. 

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इस शख्स ने किचन को ही बना लिया कमाई का जरिया, सालाना 15 लाख है टर्नओवर

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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