छतरपुर। बुंदेलखंड की धरती अब केवल अपनी ऐतिहासिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखने के लिए भी जानी जाएगी। आगामी 11 मार्च 2026 को देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह में छतरपुर जिले की तीन महिला सरपंच अपनी पंचायतों की सफलता की कहानी देश के सामने रखेंगी।
यह जिले के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है कि पूरे मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व छतरपुर की पंचायतों को मिला है। ग्राम पंचायत ईशानगर की सरपंच निधि मिश्रा (बीकन लीडर), गोरा की ज्योति मिश्रा और बरद्वाहा की कविता यादव को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। उनके साथ जनपद सीईओ बड़ामलहरा ईश्वर सिंह वर्मा भी इस गरिमामयी आयोजन का हिस्सा बनेंगे।
दिखेगी महिला एवं बालिका हितैषी पंचायतों की झलक*
कार्यक्रम के दौरान छतरपुर की इन पंचायतों में आए सकारात्मक बदलावों पर आधारित शॉर्ट फिल्म दिखाई जाएगी। महिला सरपंच मंच से अपनी चुनौतियों, अनुभवों और पंचायतों को गर्ल फ्रेंडली बनाने के सफर को साझा करेंगी।
15 पंचायतों का संकल्प
भारत सरकार और यूएनएफपीए के संयुक्त तत्वावधान में जिले की पिपट, झमटुली, ईशानगर, बरद्वाहा समेत 15 पंचायतों में लैंगिक समानता और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पर अद्भुत कार्य हो रहा है। जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे जिले के लिए मील का पत्थर बताया है। वहीं डीपीएम नीतेश उपाध्याय के अनुसार, ये महिला सरपंच न केवल शासन चला रही हैं, बल्कि गांव की किशोरियों और महिलाओं के अधिकारों के लिए एक सुरक्षा कवच भी तैयार कर रही हैं।
ये पंचायतें हैं शामिल
महिला एवं बालिका हितैषी ग्राम पंचायतों में पिपट, झमटुली, कुटिया, पाय, गोरा, ईशानगर, सीगौन, थरा, तिलौंहा, कीरतपुरा, बनगाय, बरद्वाहा, ढ़ड़ारी, कंदोहा और ओंटापुरवा शामिल है।










