छतरपुर: सरकारी स्कूल यानी आरामगाह? अगर कोई शिक्षक ऐसा सोच रहा है तो सावधान हो जाए! जिला पंचायत सीईओ नम: शिवाय अरजरिया ने आज औचक निरीक्षण के दौरान सिस्टम की धज्जियां उड़ाने वाले गुरुजी लोगों की क्लास लगा दी। कहीं बच्चे नदारद थे और मास्टर साहब अकेले कुर्सियां तोड़ रहे थे, तो कहीं आधी छुट्टी में ही स्कूल पर ताला जड़ दिया गया। नतीजा? एक को तत्काल सस्पेंशन का प्रसाद मिला और दूसरे के लिए सागर मुख्यालय तक फाइल दौड़ गई है।
सीईओ अरजरिया ने सबसे पहले शासकीय प्राथमिक शाला चौकीपुरवा का दौरा किया। यहां निरीक्षण के समय समस्त बच्चे अनुपस्थित पाए गए, जबकि प्रभारी प्रधानाध्यापक धनीराम प्रजापति अकेले कक्षा में बैठे थे। साथ ही बच्चों को परोसे जा रहे मध्याह्न भोजन में भी कमी मिली। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए सीईओ के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल धनीराम प्रजापति को निलंबित कर दिया।
इसके बाद टीम ने शासकीय माध्यमिक शाला कलानी का निरीक्षण किया। यहां प्रभारी प्रधानाध्यापक राखी भारती ने हाफ टाइम पर ही छुट्टी घोषित कर दी थी और बच्चे भोजन करके घर चले गए थे। हाजिरी में अनियमितता के साथ यह अनुशासनहीनता सामने आने पर सीईओ ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि प्रधानाध्यापक राखी भारती के खिलाफ निलंबन का प्रस्ताव तैयार कर उनके माध्यम से संयुक्त संचालक लोक शिक्षा, सागर को तुरंत भेजा जाए।
जिला पंचायत सीईओ नम: शिवाय अरजरिया की इस बड़ी कार्यवाही से साफ संकेत मिलता है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई और व्यवस्था पर कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए कि ऐसी अनियमितताओं पर लगातार नजर रखी जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।










