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तेलंगाना टनल हादसा: 7 लोगों को ढूंढने में जुटे ये कुत्ते हैं बेहद खास; जानें रेस्क्यू में कैसे बनेंगे ‘संकटमोचक’

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telangana tunnel dogs
Image Source : PTI
केरल पुलिस के खोजी कुत्ते

तेलंगाना के नागरकुरनूल में एसएलबीसी टनल में फंसे 7 लोगों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान सोमवार को भी जारी रहा। तलाशी अभियान में एनडीआरएफ, सरकारी खनन कंपनी सिंगरेनी कोलियरीज, रैट माइनर्स और अन्य टीमें श्वानों एवं रडार सर्वेक्षण द्वारा बताए गए विशिष्ट स्थानों पर काम कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि रविवार को बरामद गुरप्रीत सिंह के शव को शव वाहन के जरिए पंजाब में उनके पैतृक स्थान भेजा गया है।

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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तलाश में केरल पुलिस के मानव अवशेष खोजी कुत्तों (HRDD) ने भी मदद की। मानव अवशेषों का पता लगाने के लिए खास तौर से प्रशिक्षित इन कुत्तों को रविवार को भी सुरंग में ले जाया गया। उन्होंने बताया कि अब तक दो बार कुत्तों को सुरंग के अंदर भेजा जा चुका है और 11 मार्च को उन्हें फिर से भेजा जा सकता है।

चीते जैसी फुर्ती और लोमड़ी से तेज दिमाग वाले ये कुत्ते हैं खास-

  • बेल्जियन मेलिनोइस नस्ल के कुत्ते अपने आईक्यू, फुर्ती और खोजी क्षमता के लिए जाने जाते है।
  • इनकी फुर्ती चीते जैसी तो वहीं चालाकी में लोमड़ी से भी तेज बताए जाते हैं।
  • ये कुत्ते विशेष रूप से पुलिस और सैन्य अभियानों के लिए प्रशिक्षित किए जाते हैं और कई बार कठिन परिस्थितियों में असाधारण प्रदर्शन करते हैं।
  • ये कैडावर डॉग्स होते हैं, जिन्हें ह्यूमन रीमेन्स डिटेक्शन डॉग्स (HRDDs) भी कहा जाता है।
  • ये खास तौर से मानव अवशेषों का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित होते हैं।
  • बेल्जियन मेलिनोइस कुत्ते इस काम में बेहद कुशल होते हैं, क्योंकि इनकी सूंघने की क्षमता असाधारण होती है।

खोजी कुत्तों के साथ-साथ रोबोट की भी मदद

सरकार ने बचाव कर्मियों को किसी भी खतरे से बचाने के लिए रोबोट तैनात करने का फैसला किया है, क्योंकि सुरंग के अंदर पानी और कीचड़ जैसी स्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं। कैमरा, मॉड्यूल, उपकरणों तथा अन्य सभी निगरानी सामग्री के साथ एक रोबोट 11 मार्च तक और एक अन्य 14 मार्च तक चालू हो जाएगा। सुरंग के अंदर काम कर रही तीनों खुदाई मशीनों ने धातु के अधिकांश मलबे को साफ कर दिया है और वे टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के पिछले हिस्से से करीब 100 मीटर दूर हैं।

16वें दिन एक शव मिला

तलाशी अभियान की निगरानी कर रहे राज्य के विशेष मुख्य सचिव अरविंद कुमार ने गुरप्रीत सिंह का शव सफलतापूर्वक निकालने के लिए बचाव कर्मियों की सराहना की। इस बीच, गुरप्रीत सिंह के परिवार के लिए राज्य सरकार द्वारा घोषित 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि का चेक संबंधित टीम को दिया गया है ताकि इसे परिवार को सौंपा जा सके। अधिकारी के अनुसार, यह राशि सुरंग निर्माण कार्य में शामिल रॉबिन्स कंपनी द्वारा प्रदान की गई बीमा राशि (वेतन का 50 गुना) से अलग है।

गाद में 10 फीट नीचे दबा था शव

रॉबिन्स कंपनी के लिए टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ऑपरेटर के रूप में काम करने वाले गुरप्रीत सिंह 22 फरवरी को सुरंग के आंशिक रूप से ढहने के बाद उसके मलबे के अंदर फंसे आठ लोगों में से एक थे। सिंह का शव 48 घंटे से अधिक समय तक ‘बहुत सावधानी से’ खुदाई और अन्य प्रयासों के बाद निकाला जा सका। एक अधिकारी ने रविवार को कहा कि शव लगभग 10 फुट की गहराई पर गाद के नीचे दबा हुआ था। सिंह की पहचान उसके बाएं कान की बाली और दाहिने हाथ के गोदने के आधार पर की गई।

ये 7 लोग अभी सुरंग में फंसे हुए हैं-

गुरप्रीत के अलावा फंसे हुए सात अन्य लोगों में मनोज कुमार (उप्र), सनी सिंह (जम्मू कश्मीर), गुरप्रीत सिंह (पंजाब) और झारखंड के संदीप साहू, जेगता जेस और अनुज साहू शामिल हैं। इंजीनियर और मजदूरों समेत आठ लोग 22 फरवरी को श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) परियोजना सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने के बाद से फंसे हुए हैं।



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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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