छतरपुर | 27 जनवरी 2026 कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में आज जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई मात्र एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि आमजन की उम्मीदों का ठिकाना नजर आई। मंगलवार की इस जनसुनवाई में उस वक्त एक भावुक कर देने वाला मंजर दिखा, जब जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने प्रोटोकॉल से हटकर दिव्यांगों की समस्याओं को न सिर्फ सुना, बल्कि उनके प्रति विशेष संवेदनशीलता दिखाई।
कुर्सी छोड़ दिव्यांगों के पास पहुँचे अफसर
जनसुनवाई में वैसे तो 136 आवेदन आए, लेकिन प्रशासन का मानवीय चेहरा तब सामने आया जब सीईओ और एडीएम ने दिव्यांग आवेदकों की पीड़ा को अलग से और बड़े धैर्य के साथ सुना। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल फाइलें निपटाना नहीं, बल्कि पीड़ित व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना है।

136 परिवारों की जगी उम्मीद
कलेक्टर के मार्गदर्शन में चली इस मैराथन जनसुनवाई में शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, और पुलिस जैसे विभागों से जुड़ी समस्याओं का अंबार लगा था। एडीएम मिलिंद नागदेवे और संयुक्त कलेक्टर अंजली द्विवेदी ने एक-एक आवेदन का गहराई से परीक्षण किया। अधिकारियों ने ऑन-द-स्पॉट संबंधित विभाग के प्रमुखों को निर्देश दिए कि इन शिकायतों का निराकरण ‘प्राथमिकता’ के आधार पर किया जाए।
डिजिटल और धरातल का संगम
इस जनसुनवाई की खास बात यह रही कि जिला मुख्यालय से लेकर तहसील स्तर तक के अधिकारी व्हीसी (Video Call) के माध्यम से जुड़े रहे। एसडीएम और तहसीलदारों को सख्त लहजे में निर्देश दिए गए कि आवेदनों को लटकाने की जगह तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।










