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छतरपुर में पुलिस कस्टडी में मौत: राजनगर थाने के लॉकअप में आरोपी ने लगाई फांसी?

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​छतरपुर/राजनगर | #मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के राजनगर थाने में पुलिस कस्टडी में एक आरोपी का शव वॉशरूम के अंदर फांसी के फंदे पर मिला है। पुलिस इस घटना को आत्महत्या मान रही है। मृतक की पहचान राजेश पटेल के रूप में हुई है, जिसे लगभग छह घंटे पहले सुबह 11 बजे उसके घर से पकड़ा गया था।

#पुलिस के अनुसार वॉशरूम में लगाई फांसी

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घटना की जानकारी मिलने के बाद छतरपुर के एसपी अगम जैन और मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंच गए हैं। एसपी अगम जैन ने बताया कि आरोपी राजेश पटेल पेशाब करने के बहाने वॉशरूम गया था और वहीं उसने फांसी लगा ली। घटना के बाद थाने में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, और आरोपी का शव अभी भी थाने में ही रखा हुआ है।

#कई सवाल अनुत्तरित, परिजन थाने पहुंचे

इस मामले में पुलिस अभी तक कई महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक नहीं कर रही है। जानकारी मुताबिक आरोपी पेशाब करने के बहाने वॉशरूम गया था। वहां जाकर उसने फांसी लगा ली। पुलिस ने यह नहीं बताया है कि आरोपी को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था, न ही सुसाइड नोट मिलने या न मिलने के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी दी गई है। इसके अलावा, अधिकारी यह भी नहीं बता रहे हैं कि आरोपी जब वॉशरूम गया था तो क्या उसके साथ कोई पुलिसकर्मी मौजूद था या वह अकेला गया था। थाने के सीसीटीवी फुटेज भी जारी नहीं किए गए हैं। घटना की खबर मिलते ही मृतक राजेश पटेल के परिजन भी राजनगर थाने पहुंच गए हैं।

परिजन बोले- FIR नहीं थी, जो पुलिसकर्मी पकड़कर लाए, उनमें से एक ड्यूटी पर नहीं था

परिजनों के मुताबिक, थाने के उस कमरे के वॉशरूम में शव मिला है, जिस कमरे में बच्चे और महिलाओं की सुनवाई होती है। परिजनों का आरोप है कि राजेश पर कोई फिर नहीं की गई थी, जो पुलिसकर्मी उसे पकड़ कर लाए थे, उनमें से एक ड्यूटी पर भी नहीं था। राजेश मजदूरी करता था। उसका एक छोटा भाई भी है।

SP अगम जैन का ‘क्लीन’ स्टैंड: राजनगर थाने की जांच से पुलिस आउट, न्यायिक मजिस्ट्रेट इन

राजनगर थाने की यह घटना अत्यंत संवेदनशील है, और SP अगम जैन का ‘पुलिस को जांच से दूर रखने’ का निर्णय निष्पक्षता और पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम है। जब रक्षक पर ही सवाल उठें, तो न्याय का तराजू किसी ‘तीसरे हाथ’ में होना ही भरोसे की नींव रखता है। न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) का शुरू होना जनता के विश्वास को बहाल करने की कोशिश है।

एसपी अगम जैन ने मामले की गंभीरता देखते हुए तत्काल प्रभाव से आरक्षक संजय सिंह और शिवकुमार पाल को किया निलंबित, 

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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