Home अजब गजब कभी दो द्वीपों का मालिक था सिवा, रहता था 71 कमरों के...

कभी दो द्वीपों का मालिक था सिवा, रहता था 71 कमरों के महल में, कई देशों में घर, मगर आज…

52
0

[ad_1]

Chinnakannan Sivasankaran Story : कभी दो द्वीपों के मालिक, 71 कमरों के महल में रहने वाले अरबपति कारोबारी चिन्नाकन्नन शिवशंकरन आज एक आम आदमी की जिंदगी जी रहे हैं. उनकी कहानी पूरी तरह से फिल्मी लगती है, जिसमें कई तरह के उतार-चढ़ाव आते हैं. शिवशंकरन की यह कहानी सिर्फ पतन की ही नहीं, बल्कि फिर से उठ खड़े होने की मिसाल की भी है. एक समय के अरबपति अब खुद को टूटा हुआ तो बताते हैं, लेकिन साथ कहते हैं कि वे गरीब नहीं हैं. शिवशंकरन की ज़िंदगी में ऐसा क्या हुआ कि वे इस तरह की बात कर रहे हैं? चलिए जानते हैं.

Google search engine

चिन्नाकन्नन शिवशंकरन का जन्म तमिलनाडु के एक सामान्य परिवार में हुआ था. उन्होंने बहुत कम उम्र में कारोबार की दुनिया में कदम रखा. शुरुआत में उन्होंने कंप्यूटर हार्डवेयर का बिजनेस शुरू किया. वह धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए और अपने कारोबार को नए शिखर पर ले जाते रहे. उन्होंने स्टेर्लिंग कंप्यूटर्स लिमिटेड (STC) नाम से एक कंपनी बनाई, जो 1990 के दशक में भारत की टॉप कंप्यूटर कंपनियों में शामिल थी.

एयरसेल से मिली थी पहचान
शिवशंकरन को असली पहचान तब मिली, जब उन्होंने एयरसेल (Aircel) की स्थापना की. 1999 में शुरू की गई यह कंपनी साउथ इंडिया में टेलीकॉम की दुनिया में क्रांति ले आई. एयरसेल ने बेहद कम समय में करोड़ों ग्राहकों को जोड़ा और देश के बड़े टेलीकॉम ब्रांड्स में शुमार हो गई.

बाद में उन्होंने एयरसेल की 74 फीसदी हिस्सेदारी मैक्सिस कम्युनिकेशंस (मलेशिया) को बेच दी. यह सौदा काफी विवादास्पद रहा और बाद में 2G स्पेक्ट्रम घोटाले में भी इसका नाम आया. इसी के बाद शिवशंकरन की मुश्किलें बढ़ीं और दिन बदल गए.

2018 में एयरसेल ने आधिकारिक रूप से दिवालियापन के लिए आवेदन किया. इसके बाद शिवशंकरन पर कर्ज और कानूनी मामलों का भारी बोझ आ गया. उन्होंने दावा किया कि इस पूरे प्रकरण में उनका 7,000 करोड़ रुपये का नुकसान झेला.

चिन्नाकन्नन शिवशंकरन को लोग ‘सिवा’ नाम से जानते हैं. उनकी नेटवर्थ कभी 4 अरब डॉलर आंकी गई थी, लेकिन 2018 में एयरसेल के दिवालिया होने के बाद उनकी दुनिया ही बदल गई. हाल ही में रणवीर अलाहाबादिया के शो The Ranveer Show में अपनी कहानी सुनाते हुए उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने 7,000 करोड़ रुपये गंवाएं. वे कहते हैं, “मैं गरीब नहीं हूं, बस फिलहाल के लिए टूट चुका हूं.” उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में उनके संबंधित एक मामला लंबित है और उसी मामले से उन्हें उम्मीद है कि वो अपना पैसा वापस पा सकते हैं.

डोनाल्ड ट्रंप से मिली प्रेरणा
जब उन्होंने दिवालिया होने का फैसला लिया, उस दिन उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की किताब पढ़ी. उस किताब ने उन्हें प्रेरित किया और उसी दिन उन्होंने खुद को फिर से अरबपति बनाने की योजना भी तैयार कर ली. वे आत्मविश्वास से कहते हैं, “मैंने उसी दिन सोच लिया था कि अब क्या करना है. मेरी कहानी अभी खत्म नहीं हुई है.”

रईसी के दिन: द्वीप, महल और हवेलियां
सिवा का जीवन कभी शाही ठाठ से भरा था. उन्होंने बताया कि उन्होंने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में संपत्तियां खरीदी थीं. उन्होंने सेशेल्स में दो निजी द्वीप खरीदे थे. अमेरिका, कनाडा, लंदन में आलीशान मकान थे. चेन्नई में 524 करोड़ की हवेली थी, जिसमें 10-20 नहीं, बल्कि 71 कमरे थे. कैलिफोर्निया में 14 एकड़ की प्रॉपर्टी थी, जिसमें हेलीकॉप्टर उताने के लिए एक हेलीपैड भी था.

524 करोड़ रुपये का घर अब इतिहास
चेन्नई में उन्होंने जो 524 करोड़ का 71 कमरे वाला मकान खरीदा था, वो अब तोड़ दिया गया है. हालांकि उन्होंने उसी जमीन का आधा हिस्सा फिर से खरीद लिया है और वहां 2 एकड़ का प्लॉट उनके पास है. उन्होंने कहा, “लेकिन अब मैं वहां घर नहीं बनाना चाहता. पहले सारे मसले सुलझा लूं, फिर सोचूंगा.”

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here