Home मध्यप्रदेश आरटीओ में इंटरनेट के तार काट रहा अज्ञात शख्स:लाइसेंस शाखा में लोग...

आरटीओ में इंटरनेट के तार काट रहा अज्ञात शख्स:लाइसेंस शाखा में लोग और कर्मचारी हो रहे परेशान; हफ्ते में तीन दिन कटा रहता है कनेक्शन

62
0

[ad_1]


इंदौर आरटीओ कार्यालय की लाइसेंस शाखा में इंटरनेट सेवा लगातार बाधित हो रही है। पिछले दो सप्ताह से कोई अज्ञात व्यक्ति शाखा के इंटरनेट केबल को काटकर चला जाता है, जिससे कर्मचारी और आवेदक दोनों को परेशानी उठानी पड़ रही है। आरटीओ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह समस्या लगातार बनी हुई है। लाइसेंस शाखा के प्रभारी अंकित चिंतामण ने बताया कि पहले उन्हें लगा कि इंटरनेट तकनीकी रूप से बंद हो रहा है, लेकिन जांच करने पर पता चला कि डीपी बॉक्स से केवल लाइसेंस शाखा का इंटरनेट कनेक्शन ही काटा जा रहा है। यह स्थिति सप्ताह में लगभग तीन दिन देखने को मिल रही है। कर्मचारियों को शुरुआत में संदेह था कि शायद चूहे तार काट रहे हैं, लेकिन जब यह समस्या रोज होने लगी, तो जांच की गई। जांच में सामने आया कि डीपी ऑफिस परिसर के बाहर लगी है, जिससे कोई व्यक्ति जानबूझकर तार खींचकर ले जाता है। चौकीदारों से पूछताछ में भी कुछ पता नहीं चल सका। मोबाइल डाटा से चल रहा काम शाखा प्रभारी ने वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में डोंगल और मोबाइल डाटा का उपयोग शुरू कर दिया है, ताकि काम पूरी तरह बाधित न हो। आरटीओ अधिकारी प्रदीश शर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी व्यक्ति की पहचान होते ही उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रोजाना 200 से अधिक आवेदक पहुंचते हैं नायता मुंडला स्थित आरटीओ कार्यालय में प्रतिदिन 200 से अधिक लोग लाइसेंस बनवाने आते हैं। यहां पर ट्रायल के बाद बायोमेट्रिक और फोटोग्राफी की प्रक्रिया होती है, जो केंद्र सरकार के ‘सारथी पोर्टल’ के माध्यम से पूरी की जाती है। यह पोर्टल पूरी तरह से इंटरनेट पर आधारित है और नेटवर्क बाधित होने की स्थिति में कार्य रुक जाता है। इंटरनेट केबल काटना पर हो सकती जेल केंद्र सरकार द्वारा पारित टेलीकॉम बिल 2023 के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर मोबाइल कनेक्शन की वायर या ऑप्टिकल फाइबर को क्षतिग्रस्त करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर उसे तीन साल तक की जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं। सरकारी डिजिटल संपत्तियों से छेड़छाड़ करना दंडनीय अपराध है।

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here