छतरपुर/पन्ना: केन-बेतवा विस्थापितों की बुलंद आवाज, सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर की रिहाई का मामला अब एक बेहद गंभीर और रहस्यमयी मोड़ ले चुका है। कोर्ट से विधिवत जमानत मिलने के बावजूद अमित भटनागर जेल से बाहर नहीं आ सके हैं, जिससे पन्ना जेल के बाहर भारी तनाव व्याप्त है। उनके भाई अंकित भटनागर ने जेल प्रशासन पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए इसे ‘अघोषित अपहरण’ की संज्ञा दी है।
अंकित भटनागर के अनुसार, वे सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर जमानत के कागजात लेकर जेल गेट पर खड़े थे, लेकिन उन्हें अमित से मिलने तक नहीं दिया गया। अंकित ने एक भावुक वीडियो जारी करते हुए पन्ना कलेक्टर और एसपी से गुहार लगाई है कि उनके भाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए। अंकित का आरोप है कि जेल प्रशासन ने गुपचुप तरीके से अमित को वन विभाग या नेशनल पार्क की टीम के सुपुर्द कर दिया है और अब कोई भी अधिकारी यह बताने को तैयार नहीं है कि अमित वर्तमान में कहाँ और किस हाल में हैं।

अंकित ने वीडियो में सीधे सवाल किया है कि जब कोर्ट ने रिहाई का आदेश दे दिया, तो किस कानून के तहत उन्हें परिजनों को बिना बताए ले जाया गया? मुझे डर है कि मेरे भाई का अपहरण कर लिया गया है। समर्थकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है, उनका मानना है कि विस्थापितों के आंदोलन को कुचलने के लिए प्रशासन दमनकारी नीतियां अपना रहा है। फिलहाल, जिला प्रशासन की चुप्पी ने इस पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है।










