छतरपुर। जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोराहा से सड़क निर्माण कंपनी (एमकेसी) के सुपरवाइजर राम खिलाड़ी शर्मा के दिनदहाड़े हुए सनसनीखेज अपहरण का पुलिस ने चंद घंटों में पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए न केवल सटई के जंगलों से पीड़ित को सुरक्षित मुक्त कराया, बल्कि साइबर सेल की मदद से बदमाशों के खाते में ट्रांसफर की गई 10 लाख रुपये की फिरौती भी तत्काल फ्रीज करा दी। कानून का खौफ पैदा करने के लिए पुलिस ने पकड़े गए चारों आरोपियों का कोतवाली से महल चौक तक पैदल जुलूस भी निकाला।
यह था पूरा मामला:
मोराहा स्थित कंपनी कार्यालय में बोलेरो सवार बदमाशों ने घुसकर सुपरवाइजर राम खिलाड़ी के साथ मारपीट की और उन्हें जबरन अगवा कर ले गए। इसके तुरंत बाद बदमाशों ने परिजनों से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। अनहोनी के डर से परिजनों ने बदमाशों द्वारा दिए गए बैंक खाते में रकम ट्रांसफर भी कर दी थी।
कंपनी मैनेजर संजय सोढ़ी की सूचना पर एसपी रजत सकलेचा, एएसपी आदित्य पटले और सीएसपी अरुण सोनी के निर्देशन में पुलिस की विशेष टीमें गठित की गईं। पुलिस बल ने रातभर संदिग्ध ठिकानों और जंगलों में सघन सर्चिंग ऑपरेशन चलाया। पुलिस के चौतरफा दबाव के आगे घुटने टेकते हुए बदमाश पीड़ित को सटई के जंगलों में छोड़कर भागने की फिराक में थे, तभी घेराबंदी कर मुख्य आरोपी भान सिंह, विशाल यादव, विकास यादव और अंकित यादव को दबोच लिया गया।
कोतवाली टीआई सतीश सिंह ने बताया कि आरोपियों के पास से कट्टा, कारतूस, बोलेरो और पीड़ित की बाइक जब्त की गई है। अन्य संलिप्तों की तलाश जारी है।









