छतरपुर | छतरपुर के नवनिर्मित ट्रैफिक पार्क में आज मासूम चेहरों पर सीखने की ललक और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। विद्या निकेतन स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी संचालिका श्रीमती निकिता अग्रवाल के नेतृत्व में यातायात थाना परिसर स्थित इस हाई-टेक पार्क का भ्रमण किया। यहाँ पुलिस की सख्त वर्दी का एक ‘गुरु’ वाला रूप सामने आया, जब यातायात प्रभारी ने बच्चों को खेल-खेल में सुरक्षा का पाठ पढ़ाया।

एक ‘मिनी छतरपुर’ में बच्चों ने समझा नियमों का महत्व
इस आधुनिक ट्रैफिक पार्क को किसी ‘मिनी सिटी’ की तरह डिजाइन किया गया है। भ्रमण के दौरान बच्चों ने यहाँ सिग्नल लाइन, जेब्रा क्रॉसिंग, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अस्पताल जैसे लाइव संकेतों को देखा। यातायात प्रभारी बृहस्पति साकेत ने बच्चों को बताया कि ‘रेड लाइट’ पर क्यों रुकना चाहिए और ‘फुटपाथ’ का उपयोग क्यों जरूरी है। स्पीड लिमिट और टर्निंग जैसे तकनीकी संकेतों को बच्चों ने बड़ी आसानी से और कौतूहल के साथ समझा।

दीवारों पर उकेरी गई चित्रकारी ने खींचा ध्यान
पार्क की दीवारों पर की गई प्रभावशाली चित्रकारी बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। चित्रों के माध्यम से दर्शाए गए ‘रोड सेफ्टी’ के नियमों को बच्चों ने अपनी डायरी और जेहन में नोट किया। पार्क में घूमते हुए बच्चे कभी खुद ड्राइवर की भूमिका में नजर आए तो कभी सजग राहगीर की।
संचालिका निकिता अग्रवाल ने की मुक्त कंठ से सराहना
विद्या निकेतन स्कूल की संचालिका निकिता अग्रवाल ने पुलिस की इस पहल को छतरपुर के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा— “अक्सर बच्चे किताबी ज्ञान से ऊब जाते हैं, लेकिन इस पार्क में व्यवहारिक जानकारी पाकर वे बेहद रोमांचित हैं। यातायात प्रभारी का यह प्रयास बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।”
पुलिस और जनता के बीच बढ़ती नजदीकी
यातायात प्रभारी बृहस्पति साकेत की इस मुहिम से न केवल बच्चों को ज्ञान मिल रहा है, बल्कि पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी भी कम हो रही है। इस भ्रमण के दौरान विद्यालय का स्टाफ और यातायात पुलिस की टीम मौजूद रही।










