[ad_1]
- Hindi News
- Local
- Mp
- Mandsaur
- ‘Wisdom’ Bet On Donkeys: No Fear Of Penalty, No Confiscation, Mining Mafia Is Transporting Sand In Mandsaur Without Any Fear Of Machinery

भास्कर न्यूज | मंदसौर
रेत माफिया अब मशीनरी के बजाय गधों पर अक्ल का दांव लगाते हुए खनन करा रहे हैं। शहर का पेयजल स्रोत रामघाट भी इससे अछूता नहीं रहा है। अब रेत माफिया का नया अड्डा रामघाट व इससे जुड़ा क्षेत्र बन गया है। रामघाट से सिर्फ 20 मीटर की दूरी पर ही मजदूरों से खनन कराया जा रहा है। स्थिति यह है कि इस क्षेत्र में ट्रैक्टर- ट्रॉली की आवाजाही नहीं हो सकती है तो गधों से लादकर रेत ले जा रहे हैं।
हैरत की बात यह भी है कि अवैध रेत परिवहन के दौरान वाहन पकड़े जाने पर पेनल्टी सहित कार्रवाई से गुजरना पड़ता है, लेकिन गधों से रेत ढुलाई करने पर ना कोई पेनल्टी है और ना ही कोई जब्ती का डर। डीजल का भी कोई खर्च नहीं है। ऐसे में रेत माफिया गधों की आड़ में लाखों का मुनाफा कमाकर शासन को चपत लगाने का काम कर रहे हैं। नियमों का पेंच बताकर अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
ट्रॉलियों- ट्रैक्टरों को पकड़े जाने पर भारी पेनल्टी के साथ ही लंबी-चौड़ी न्यायिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। गधे पर न कोई पेनल्टी है और ना ही जब्त होने का डर। साथ ही न डीजल का खर्च और ना पकड़े जाने का डर। ऐसे में केवल मुनाफा ही मुनाफा हिस्से में आता है। इसीलिए गधों की आड़ में रेत खनन का कार्य कराया जा रहा है।
[ad_2]
Source link









