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Wherever there are shops or institutions in the basement, remove them within 1 month, otherwise they will be demolished | प्रशासन की सख्ती: बेसमेंट में जहां भी दुकान-संस्थान, 1 माह में हटा लें, नहीं तो टूटेंगे – Indore News

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दिल्ली की घटना के बाद शहर की बहुमंजिला इमारतों की जांच शुरू हो गई है। प्रारंभिक तौर पर सामने आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ज्यादातर इमारतों में पा​र्किंग के लिए बने बेसमेंट में दुकानें या दफ्तर चल रहे हैं। इसे लेकर गुरुवार को कलेक्टर आशीष सिंह ने अ

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शहर में वैसे ही पार्किंग की समस्या ज्यादा है। यदि नक्शे में बेसमेंट पार्किंग के लिए दिखाई गई है तो उसका कमर्शियल उपयोग नहीं किया जा सकता। इसे लोग अंतिम चेतावनी समझें। एक महीने का समय दे रहे हैं। इस दौरान जितनी भी ऐसी इमारतें हैं, उसके संचालक अवैध निर्माण हटाकर खुद ही पार्किंग की जगह सुनिश्चित करवाएं। तय अवधि के बाद भी अगर ऐसा नहीं किया तो सख्त कार्रवाई होगी।

उन्होंने बताया कि तीन दिन में 30 से ज्यादा भवनों की जांच की गई, जहां बेसमेंट का उपयोग कोचिंग, लाइब्रेरी के लिए हो रहा था। उन्हें सील किया गया है।

सभी प्रमुख बाजारों और बड़े भवनों के बेसमेंट में दुकानें, होटल या कोचिंग चल रहे हैं

  • आरएनटी मार्ग इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। यहां पूरी तरह दुकानें बेसमेंट में चल रही हैं। पार्किंग मुख्य सड़क पर होती है।
  • सराफा में भी अधिकांश बेसमेंट में दुकानें बड़ी संख्या में बनी हैं।
  • जेल रोड पर तो एक साथ 30 से 40 दुकानें 1500 वर्ग फीट के प्लॉट पर सिर्फ बेसमेंट में हैं। यहां सबसे ज्यादा पार्किंग की समस्या है।
  • आनंद बाजार में कई बड़े संस्थानों के होटल आउटलेट और कमर्शियल दुकानें बेसमेंट में ही चल रही हैं।
  • भंवरकुआं, इंद्रपुरी, विष्णुपुरी में अधिकांश भवन होस्टल में तब्दील हो गए हैं। कई जगह नीचे कमरे तो कई जगह कोचिंग और लाइब्रेरी, इंटरनेट कैफे संचालित हो रहे हैं।
  • शहर के लगभग सभी अस्पतालों के बेसमेंट में लैब, जांच मशीनें, जनरेटर रखे जा रहे हैं। इनकी पार्किंग भी रोड पर होती है।
  • खजूरी बाजार में बड़ी-बड़ी प्रिंटिंग यूनिट, सिलाई यूनिट बेसमेंट में बनी हैं। यहां छोटी-छोटी दुकानें भी नए कॉम्प्लेक्स में बन गई हैं, जबकि यहां पार्किंग होना थी।

15 साल पहले चली थी मुहिम, तब बेसमेंट मुक्त किए थे

इंदौर में 15 साल पहले कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव के रहते इंदौर के भवनों की बड़े पैमाने पर जांच हुई थी। इसमें खजूरी बाजार, एमजी रोड, सपना संगीता, टॉवर चौराहा, रेस कोर्स रोड सहित कई जगह बेसमेंट कमर्शियल गतिविधियों से मुक्त किए गए थे।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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