Home मध्यप्रदेश Unique demonstration against corruption in Gwalior | ग्वालियर में भ्रष्टाचार के खिलाफ...

Unique demonstration against corruption in Gwalior | ग्वालियर में भ्रष्टाचार के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन: पूर्व मानसेवी शिक्षक दंडवत करते हुए यूनिवर्सिटी पहुंचे, भ्रष्टाचार का मटका फोड़ कराया मुंडन – Gwalior News

57
0

[ad_1]

भ्रष्टाचार के विरोध में तपती धूप में दंडवत करते हुए पहुंचे जीवाजी यूनिवर्सिटी।

Google search engine

ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ पूर्व मानसेवी शिक्षक अरुण शर्मा ने अनोखा प्रदर्शन किया। दोपहर में 39 डिग्री तापमान के बीच, तपती धूप में वह दंडवत करते हुए कुलपति निवास से जीवाजी विश्वविद्यालय तक पहुंचे। रास्ते में उन्हो

.

उनके इस अनोखे प्रदर्शन की शहरभर में चर्चा हो रही है। इस बारे में अरुण शर्मा का कहना है, जेयू अब भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुका है। न तो कोई कुछ देख रहा है, न ही किसी की सुनवाई हो रही है। इसी कारण मुझे ऐसा प्रदर्शन करना पड़ा।

पूर्व मानसेवी शिक्षक अरुण शर्मा ने भ्रष्टाचार का मटका तोड़ा।

पूर्व मानसेवी शिक्षक अरुण शर्मा ने भ्रष्टाचार का मटका तोड़ा।

जीवाजी विश्वविद्यालय में मान्यता के नाम पर लगातार घोटाले उजागर हो रहे हैं। इस बार विश्वविद्यालय ने 416 निजी कॉलेजों को संबद्धता दी है, जिनमें कुल 1 लाख 80 हजार छात्र दर्ज हैं। हैरानी की बात यह है कि इन 416 कॉलेजों में सिर्फ 14 में ही प्राचार्य नियुक्त हैं और छात्रों को पढ़ाने के लिए कुल मिलाकर केवल 31 प्रोफेसर हैं।

इस अनियमितता को लेकर पूर्व मानसेवी शिक्षक डॉ. अरुण शर्मा ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को उन्होंने विश्वविद्यालय में व्याप्त घोटालों के खिलाफ अनोखा आंदोलन शुरू किया। वह सबसे पहले कुलपति निवास पहुंचे, जो कि जीवाजी विश्वविद्यालय से करीब 400 मीटर की दूरी पर स्थित है। वहां से वे कड़कड़ाती धूप में सड़क पर दंडवत करते हुए और बीच-बीच में लुढ़कते हुए विश्वविद्यालय परिसर तक पहुंचे।

यूनिवर्सिटी में कराया मुंडन

पूर्व मानसेवी शिक्षक अरुण शर्मा दंडवत करते हुए जेयू परिसर पहुंचे और अधिकारियों के ऑफिस के सामने भ्रष्टाचार का मटका तोड़ा। मटके पर एक आकृति बनी थी जो इंसान जैसी थी, जिस पर भ्रष्टाचार लिखा हुआ था। इसके अंदर से कई ऐसे पत्र निकले। जिसमें भ्रष्टाचार की शिकायत की गई थी। इसके बाद अरुण शर्मा ने जीवाजी यूनिवर्सिटी में अपना मुंडन कराया।

विरोध में मुंडन भी करवाया।

विरोध में मुंडन भी करवाया।

यह आंकड़े बताते हैं कि भ्रष्टाचार किस हद तक है

पूर्व मानसेवी शिक्षक अरुण शर्मा का कहना है कि यह आंकड़े बताते हैं कि ग्वालियर चंबल अंचल में शिक्षा माफिया का मकड़जाल फैला हुआ है। अंचल में जीवाजी यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त 416 कॉलेजों में से अधिकांश फर्जी तरीके से कागजों पर संचालित हो रहे हैं।

जीवाजी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स और अधिकारी मिलीभगत करके इन कॉलेजों को मान्यता दिलाते हैं। कॉलेज संचालक कागजों पर बाहरी राज्यों के छात्रों को कॉलेज में प्रवेश देकर मोटी वसूली तो करते हैं। साथ ही, वहीं फर्जी कागजों के आधार पर सरकारी छात्रवृत्ति भी कॉलेज संचालक हड़प लेते हैं। मान्यता से लेकर छात्रवृत्ति के इस महाघोटाले में प्रशासनिक अफसरों से लेकर जीवाजी विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों तक का हिस्सा तय रहता है।

छात्र संगठन और पूर्व छात्र कहते हैं कि बीते सालों में घोटालों के खिलाफ लगातार प्रदर्शन हुए हैं। जिसके चलते कार्रवाई हुई है। पूर्व छात्रों का कहना है कि फर्जीवाड़ा के चलते छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है।।

हाल ही में झुंडपुरा कांड का हुआ था खुलासा

अभी हाल ही में हाईकोर्ट में मुरैना जिले के झुंडपुरा के फर्जी कॉलेज का मामला सामने आने के बाद से इस महा घोटाले का खुलासा हुआ है। फर्जी तरीके से मान्यता देने के चलते ईओडब्ल्यू ने जीवाजी यूनिवर्सिटी के तत्कालीन कुलगुरु सहित 19 प्रोफेसर्स पर धोखाधड़ी, जालसाजी का केस दर्ज किया है। वही इस मामले में राज्यपाल ने कुलगुरु को भी बर्खास्त भी किया था। लेकिन इसके बाद भी मान्यता देने के नाम पर चल रहे घोटालों का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है।

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here