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सोशल मीडिया में एक रिकॉर्डिंग शेयर हो रही है कि किसी निजी क्लीनिक पर कार्रवाई के बाद दोबारा संचालित करने की जानकारी को लेकर जब एक प्रेस रिपोर्टर ने बीएमओ करकेली से बात करने की कोशिश की तो बीएमओ ने लापरवाही से बात करते हुए कलेक्टर डॉ कृष्ण देव त्रिपाठी पर ही डिस्पेंसरी जाकर ताला खुलवाने की आशंका बीएमओ करकेली ने जाहिर कर दी। साथ ही तरीका भी ऐसा की सुनने वाला शरम खा जाए।
कलेक्टर महोदय, कलेक्टर साब तो दूर कलेक्टर के साथ अलेक्टर भी लगा दिया और आगे कुछ ऐसे आपत्तिजनक शब्द बोल दिए कि ऐसे गरिमामयी पद को लेकर, जिसे लिखने में कलम भी शर्मा जाए और बीएमओ महोदय ने अपनी लापरवाही का ठीकरा बीएमओ करकेली ने सीधे-सीधे जिले के संवेदनशील अधिकारी पर ही थोप दिया।
थोपना तो दूर की बात साब ने कलेक्टर महोदय के लिए आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग भी कर दिया। एक छोटे से मामले को लेकर बीएमओ करकेली ने जिले के मुखिया पर ही सवाल खड़े कर दिए यह काफी चिंता जनक है। ऐसे लापरवाह अधिकारी को क्या किसी ऐसे संवेदनशील पद पर बने रहना चाहिए, जिस पद पर पूरे ब्लॉक की स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी टिकी हुई है?
क्या कहना है बीएमओ करकेली का?
इस वायरल रिकॉर्डिंग की जानकारी जब बीएमओ करकेली डॉ एस चंदेल से ली गई तो उनका कहना था कि मेरी इस तरह की किसी से भी बात नहीं हुई है। साथ ही रिकॉर्डिंग को सुनने के बाद उन्होंने कहा कि जो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया में शेयर हो रही है वह फेक है।
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