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This water is used at Bhopal station | भोपाल स्टेशन पर पॉड होटल के हाल-बेहाल, बुकिंग बंद: पानी की टंकियों में जमी काई-गाद, इसी पानी का होता है हर काम में इस्तेमाल – Bhopal News

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दो दिन से भोपाल रेलवे स्टेशन के स्लीपिंग पॉड में तकनीकी कारणों से पानी की सप्लाई बंद थी। जब दैनिक भास्कर की टीम ने पड़ताल की तो असली वजह कुछ और ही निकली। प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर बनी पानी की टंकियां बेहद खराब हालत में मिली। पांच में से चार टंकियों के ढक्

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भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर यात्रियों के ठहरने के लिए बनाए गए पॉड होटल की बुकिंग पिछले दो दिनों से बंद है। रेलवे ने इसे “तकनीकी कारण” बताया, लेकिन जब दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची तो मामला तकनीकी नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही का निकला। यहां बिलासपुर से परिवार सहित आए यात्री राजेंद्र साहू ने बताया:”18 मई से पानी की बहुत दिक्कत है। बच्चों को नहाने और फ्रेश होने में परेशानी हो रही है। वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, लेकिन वह काफी नहीं है। अब कहीं और रुकने की सोचना पड़ रहा है।

पांच में से चार टंकियों की हालत खराब।

पांच में से चार टंकियों की हालत खराब।

दैनिक भास्कर की टीम ने चेक किया, तो चौंकाने वाला नजारा सामने आया

  • पांच में से चार टंकियों के ढक्कन नहीं थे।
  • टंकियों में ऊपर तक गाद जमी थी।
  • पानी के ऊपर गंदगी की मोटी परत तैर रही थी।
  • टंकियों में कंकड़-पत्थर और कीड़े भी नजर आए।
  • इन्हीं टंकियों के पानी को पॉड होटल, वॉशरूम, खान पान, बर्तन धोने आदि में इस्तेमाल किया जाता है।
  • इसके अलावा वेटिंग रूम के वॉशरूम और नहाने के लिए भी यह पानी इस्तेमाल होता है।

डीआरएम की सफाई-आंधी में ढक्कन उड़ गए, सफाई चल रही है इस संबंध में भोपाल रेल मंडल के डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि हाल ही में आई आंधी के कारण टंकियों के ढक्कन उड़ गए। मार्च में सफाई करवाई गई थी। अब फिर से सफाई कराई जा रही है। वहीं स्टेशन पर मौजूद कर्मचारी केवल वैकल्पिक पानी पहुंचाने में लगे हैं। किसी को टंकियों की सफाई की चिंता नहीं है। यात्रियों को बिना साफ-सफाई वाले पानी से काम चलाने पर मजबूर किया जा रहा है।

यह है बड़ा सवाल

  • क्या मार्च की सफाई के बाद सिर्फ दो महीने में इतनी गंदगी जमा हो सकती है?
  • और अगर ढक्कन उड़ गए थे, तो उन्हें तुरंत बदला क्यों नहीं गया?
हाल ही में हुआ था उद्घाटन।

हाल ही में हुआ था उद्घाटन।

सिर्फ एक महीने में सिस्टम फेल-5 अप्रैल को शुरू हुई थी सेवा गौरतलब है कि 5 अप्रैल को प्रदेश का पहला पॉड होटल भोपाल स्टेशन पर शुरू हुआ था। उद्घाटन सांसद आलोक शर्मा और डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी ने किया था। ₹200 की शुरुआती कीमत पर यह सुविधा यात्रियों के लिए बेहद किफायती और आरामदायक मानी जा रही थी, लेकिन महज एक महीने में ही यह सेवा खुद सवालों के घेरे में है।

50 से अधिक कस्टमर्स को रिफंड पॉड होटल पिछले दो दिनों से बंद है, इन दो दिनों में करीब 50 से अधिक बुकिंग कैंसिल कर रिफंड देना पड़ रहा है। इसके अलावा आईआरसीटीसी की साइट पर भी बुकिंग पहले से ही बंद है। हालांकि सोमवार को भी यहां यही स्थिति बनी हुई थी।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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