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बुधवार की शाम साढ़े 5 बजे जिले के विट्ठलपुर गांव के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव करके जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जमीन पर उनके पुरखे खेती करते चले आ रहे हैं, उस जमीन को प्रशासन अधिग्रहण के नाम पर उनसे छीन रहा है। जबकि, प्रशासन के अधिकारियों के द्वारा उक्त जमीन को शासकीय बताया जा रहा है और कहा जा रहा है कि वह जमीन अतिक्रमण मुक्त करवाकर विस्थापित ग्रामीणों के लिए दी जा रही है।
पार्वती नदी से चारों ओर से घिरे सुंडी गांव के ग्रामीणों की जिंदगी बारिश के सीजन में हर साल खतरे में पड़ जाती है। इसे देखते हुए प्रशासन के अधिकारियों ने उनके लिए घर मकान बनाने और खेती करने के लिए बिट्ठलपुर गांव के पास की शासकीय जमीन को आवंटित किया है।

उक्त जमीन पर कई लोग वर्षों से खेती कर रहे हैं। इसलिए वह जमीन पर अपना मालिकाना हक जता रहे हैं। उनकी मांग है कि प्रशासन उनकी जमीन को उनसे नहीं छीने। ग्रामीणों को चक वमूल्या गांव के पास की शासकीय जमीन दी जाए। इस मांग को लेकर उन्होंने कलेक्ट्रेट का घेराव करके प्रदर्शन किया है। उनका यह प्रदर्शन करीब 3 घंटे तक चला, ज्ञापन के बाद यह प्रदर्शन शांत हुआ।
युवक को एसआई ने मारा धक्का, हुआ जमकर हंगामा और विरोध
कलेक्ट्रेट कैंपस में नारेबाजी कर रहे विट्ठलपुर गांव के ग्रामीणों का ज्ञापन लेने जब डिप्टी कलेक्टर संजय जैन जैसे ही वहां आए वैसे ही कुछ महिलाओं ने अपनी समस्या बताना शुरू कर दिया। तभी एक युवक डिप्टी कलेक्टर से बात करने आगे आने लगा, जिसे वहां मौजूद एसआई कुलदीप सिंह ने धक्का मार दिया। तभी ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया और युवक को धक्का मारने वाले एसआई से जमकर कहासुनी भी कर दी। बाद में डिप्टी कलेक्टर और वहां मौजूद कुछ युवाओं ने लोगों को समझाकर शांत कराया।
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