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समरजीत सिंह रंधावा। फाइल फोटो।
मुंबई की सूफी गायिका समरजीत सिंह रंधावा उस समय परेशानी में पड़ गईं, जब गुना के एक पेट्रोल पंप से उनकी गाड़ी में डीजल की जगह पानी जैसा कुछ डाल दिया गया। महज 500 मीटर चलने के बाद ही उनकी गाड़ी बंद हो गई। पहले तो पेट्रोल पंप संचालक गाड़ी सुधारने का खर्च
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मूल रूप से उत्तरप्रदेश के कानपुर की रहने वाली समर्जीत सिंह रंधावा सूफी गायक हैं। वह वर्तमान में मुंबई में रहती हैं। उन्होंने बताया कि कानपुर में उनके कई कार्यक्रम थे। इसके लिए वह शनिवार सुबह 3 बजे मुंबई से कानपुर जाने के लिए निकली थीं। उनके साथ उनकी मां और बेटी भी सफर कर रही थीं। गुना जिले की सीमा में पहुंचने पर उनकी गाड़ी रिजर्व में लग गई। ऐसे में ड्राइव ने कहा कि डीजल भरा लेते हैं।
उनकी गाड़ी खटकिया के आसपास थी। रात 11:30 बजे वहीं पर उन्हे एक पेट्रोल पंप राधेश्याम फाइलिंग स्टेशन दिखा। ड्राइवर ने वहां गाड़ी रोक ली। उन्होंने बताया कि पेट्रोल पंप पर दो लोग खटिया पर सो रहे थे। उन्हे उठाया और डीजल भरने को कहा। वह लड़के नशे में थे। उनसे कहा कि डीजल भर दो। एक लड़का डीजल भरने लगा। ड्राइवर ने उससे कहा कि पहला ड्रिप आए तो डीजल भरना बंद कर देना। पहला ड्रिप आया, तब भी उसने डीजल भरना बंद नहीं किया। उसने 4672 रुपए का डीजल गाड़ी में भर दिया।
डीजल भरवाने के बाद उनकी गाड़ी बमुश्किल 500 मीटर ही चली होगी, कि गाड़ी बंद हो गई। गाड़ी बिल्कुल जाम हो गई। समरजीत रंधावा ने बताया कि वह पूरा सुनसान इलाका था। चूंकि नई गाड़ियां ऑनलाइन सिस्टम से जुड़ी होती हैं। ऐसे में उन्होंने एजेंसी से संपर्क किया, तो वहां से इंजीनियर ने ऑनलाइन देखकर बताया कि गाड़ी में पानी भरा है। इंजीनियर ने कहा कि फर्स्ट गियर में गाड़ी लेकर पहले तो किसी सेफ जगह जाइए। वहां से पुलिस को कॉल कीजिए।
समारजीत रंधावा ने बताया कि उन्होंने पुलिस को कॉल किया। पुलिस मौके पर आई और हम लोग पेट्रोल पंप पर पहुंचे। वो दोनों लड़के उठकर आए। उनसे कहा की बाल्टी में डीजल निकालकर बताओ। जब उन्होंने डीजल निकाला, तो वो पूरी तरह पानी था। पंप के मालिक को बुलवाया, लेकिन वो नहीं आए। तीन घंटे तक सभी वहां खड़े रहे। इसके बाद पंप मालिक संतोष मीना वहां आया और उसने माफी मांगते हुए कहा कि बारिश का पानी चला गया होगा।
संबंधित अधिकारी ने वहां दूसरी गाड़ी का इंतजाम कराया और कहा कि अभी आप गुना चली जाइए, सुबह आगे की कार्यवाई करेंगे। जब यह बात हो रही थी, इसी दौरान संतोष मीना वहां से भाग गया। सभी लोग गुना आकर एक होटल में रुके। सुबह गुना के महिंद्रा शोरूम पर आए। उन्होंने काफी मदद की। वहां से गाड़ी को टो कर के गुना बुलवाया।

पानी से गाड़ी के कई पार्ट्स खराब हो गए।
इसी बीच समरजीत रंधावा चांचौड़ा थाने में थीं। उनसे सभी ने बोला की सेटलमेंट कर लीजिए। उन पर समझौता करने का दवाब डाला गया। पेट्रोल पंप के मैनेजर दीपक ने कहा कि जो भी गाड़ी सुधरवाने का खर्चा होगा, वह दे देंगे। गुना में दिन भर में जाकर गाड़ी सुधरी। शाम 4 बजे गाड़ी सुधरी और वो गाड़ी को लेकर चांचौड़ा थाने रवाना हुईं। हालांकि, पेट्रोल पंप संचालक और मैनेजर ने खर्चा देने से मना कर दिया। वह बुलाने पर भी नहीं आया। समरजीत रंधावा ने बताया कि वह मामले में FIR दर्ज कराएंगी। साथ ही प्रशासन से यह मांग करेंगी कि पेट्रोल पंप को सील किया जाए।

पंप में से इस तरह से पानी निकला।
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