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मृतक के बेटा, बेटियों की सहमति से डाक्टर्स की टीम ने कराई नेत्रदान की प्रक्रिया।
निधन के बाद भी कुछ लोग समाज और मानवता के लिए कार्य करके अमर हो जाते हैं। नेत्रदान ऐसा ही पुनीत कर्म है जो किसी नेत्रहीन के जीवन में अंधेरा हटाकर उजाले का नया सूरज लेकर आता है।
गुरुवार को ऐसा ही एक कार्य विजय टॉकीज मोतीनगर वार्ड
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