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Navratri 2023:नवरात्रि पर्व के लिए सजे देवी मंदिर, सर्वार्थ सिद्धि योग में ऐसे होगी मां की आराधना – Navratri 2023: Goddess Temple Decorated For Navratri Festival Worshiped In Sarvartha Siddhi Yoga

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हरसिद्धि मंदिर, उज्जैन

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हरसिद्धि मंदिर, उज्जैन
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नवरात्रि से पहले आदिशक्ति की आराधना के लिये देवी मंदिर सज गए हैं। शहर के प्रमुख देवी मंदिरों पर तैयारियां शुरू हो गईं हैं। मंदिर के गर्भगृह से लेकर मंदिर परिसर की साफ-सफाई के साथ रंग-रोगन किया जा चुका है। नवरात्रि पर दुर्गा सप्तशती का पाठ भी प्रमुख मंदिरों में किया जाएगा। इस बार नवरात्र में पूरे नौ दिनों की नवरात्रि होगी। ज्योतिषाचार्य पंडित अजय व्यास ने बताया कि नवरात्रि के दौरान तीन सर्वार्थ सिद्धि योग 23 मार्च, 27 मार्च 30 मार्च को लगेगा। जबकि अमृत सिद्धि योग 27 और 30 मार्च को लगेगा। रवि योग 24 मार्च, 26 मार्च और 29 मार्च को लगेगा और नवरात्रि के अंतिम दिन रामनवमी के दिन गुरु पुष्य योग भी रहेगा। हरसिद्धि मंदिर, गढ़कालिका माता मंदिर, चामुंडा माता मंदिर, नगरकोट माता मंदिर, हामूखेड़ी स्थित माता मंदिर पर रंगाई-पुताई के साथ विद्युत सज्जा का काम किया जा रहा है। 

चैत्र नवरात्रि घटस्थापना शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि बुधवार 22 मार्च से शुरू हो रही है। चैत्र नवरात्र घटस्थापना के मुहूर्त की शुरुआत 22 मार्च को सुबह 6 बजकर 23 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 32 मिनट तक (अवधि) 1 घंटा 9 मिनट) रहेगी। चैत्र नवरात्र प्रतिपदा तिथि 21 मार्च को रात 10 बजकर 52 मिनट से शुरू हो रही है और प्रतिपदा तिथि का समापन 22 मार्च को रात 8 बजकर 20 मिनट पर होगा।

नौका से होगा माता का प्रवेश

माता की आराधना का पर्व नवरात्रि इस बार 22 मार्च से शुरू हो रहा है, इसी दिन से भारतीय नववर्ष यानी नवसंवत्सर भी प्रारंभ हो जाएगा। इस बार तिथियों की घट बढ़ नहीं होने के कारण पूरे नौ दिन ही माता की आराधना की जाएगी। दुर्गा सप्तशती के मुताबिक बुधवार को शुरू होने से माता का आगमन नौका से होगा, जो फसल, धन धान्य और विकास के लिए लाभकारी रहेगा। चैत्र नवरात्र में इस बार तीन सर्वार्थ सिद्धि, तीन रवि योग, दो अमृत सिद्धि योग, दो राजयोग और गुरु पुष्य नक्षत्र का संयोग भी बनेगा। नवरात्र में पड़ रहे शुभ योगों में खरीदारी फलदायक रहेगी। इस दौरान घरों और मंदिरों में देवी मां की विशेष पूजा अर्चना होगी। हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु मातारानी के दर्शनों को पहुंचेंगे। 22 मार्च को गुड़ी पड़वा, 23 को सिंधारा दूज, 24 को गणगौर तीज, 25 मार्च को विनायक चतुर्थी, 29 को महाअष्टमी और 30 मार्च को श्रीराम नवमी पर्व मनाया जाएगा। इस दिन शहर के राम मंदिरों में दोपहर ठीक 12 बजे श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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