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Municipal Corporation’s crackdown against street vendors | राजबाड़ा क्षेत्र की बाजारों में अधिकारी सक्रिय; जबरदस्ती फेंक रहे दुकान से सामान

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इंदौर3 मिनट पहले

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इंदौर के राजबाड़ा क्षेत्र में फुटपाथ विक्रेताओं के खिलाफ मंगलवार को फिर एक बार नगर निगम की टीम कार्रवाई करने पहुंची। फुटपाथ पर कब्जा करने वाले ठेले और खोमचे वालों पर एक्शन लेते ही बाजार में अफरातफरी मच गई। इस दौरान पुलिस भी साथ रही। टीम ने फुटपाथ खाली कराना शुरू किया तो झड़प जैसे हालात बन गए।

एक महिला का निगम की टीम के साथ काफी देर तक वाद-विवाद चलता रहा। फिलहाल यह कार्रवाई अभी जारी है। नगर निगम की टीम ने जूते-चप्पल, कपड़े और चाट के ठेले जब्त कर लिए हैं। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आल्हा बाजार, गोपाल मंदिर, निहालपुरा, इमामबाड़ा, खजूरी बाजार और आसपास के क्षेत्रों में की गई है।

हाथ में लेकर सामान बेचने वालों पर भी सख्ती

नगर निगम ने इस बार हाथ में सामान लेकर बेचने वालों को भी नहीं छोड़ा है। इनका भी सामान जब्त कर लिया गया है। कपड़े की जो बड़ी दुकानें हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। इन दुकानों के बाहर जो कपड़े लटके हुए थे उन्हें जब्त कर लिया गया है।

नगर निगम की टीम ने हाथ सामान लेकर बेचने वालों पर भी सख्ती दिखाते हुए सभी सामग्री को जब्त कर लिया है।

नगर निगम की टीम ने हाथ सामान लेकर बेचने वालों पर भी सख्ती दिखाते हुए सभी सामग्री को जब्त कर लिया है।

फुटपाथ विक्रेताओं में निगम की इस कार्रवाई से काफी आक्रोश है। मैदानी स्थिति यह है कि मंगलवार को आधे फुटपाथ विक्रेताओं ने दुकानें नहीं लगाई जबकि आधे वहीं बाजारों में घूमकर फिर से मौके की तलाश में हैं। उनका मानना है कि जैसे ही नगर निगम की टीमें रवाना होंगी वे दुकान लगा लेंगे।

व्यापारियों ने बड़ी मात्रा में खरीदी थी राखी

दरअसल, राजबाडा क्षेत्र के बाजारों में फुटपाथ विक्रेताओं का काफी बड़ा कारोबार है। चूंकि राखी त्यौहार नजदीक है इसलिए उन्होंने काफी मात्रा में सामान की खरीदी कर तैयारियां कर ली थी। उनको सबसे ज्यादा लाभ इन्हीं बाजारों में दुकानें लगाने से होता है। अब पिक टाइम ने नगर निगम द्वारा इन्हें हटाने से इनका धंधा चौपट हो रहा है। ये लोग कहीं अन्य वैकल्पिक स्थान पर नहीं जाना चाहते क्योंकि वहां ज्यादा ग्राहकी नहीं है। ऐसे में अब ये विक्रेता अपने आकाओं (किराए से जगह देने) वालों के संपर्क में है कि फिर से उन्हें वहीं स्थान मिल जाए।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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