Home मध्यप्रदेश Hanuman Chowk is Dhobi Ghat ground, not Karbala ground | इंदौर में...

Hanuman Chowk is Dhobi Ghat ground, not Karbala ground | इंदौर में अनुमति-पत्र पर ‘कर्बला’ मैदान लिखने पर आपत्ति: मैदान रक्षा समिति के लोगों ने किया प्रदर्शन, नगर निगम मुर्दाबाद के लगाए नारे – Indore News

62
0

[ad_1]

इंदौर के लालबाग के पास मैदान में मेले की अनुमति देने और निगम की स्लिप पर कर्बला मैदान लिखे जाने को लेकर हनुमान चौक धोबी घाट मैदान रक्षा समिति के लोगों ने आपत्ति ली है। इसे लेकर उन्होंने मंगलवार शाम को प्रदर्शन किया। इस दौरान नगर निगम मुर्दाबाद के नार

Google search engine

.

मंगलवार शाम को समिति के लोग मैदान पर एकत्रित हुए। जिसके बाद उन्होंने प्रदर्शन शुरू किया। जय जय सियाराम, अवैध कब्जे मुक्त करो, नगर निगम हाय-हाय, नगर निगम मुर्दाबाद, ये कर्बला नहीं, हनुमान चौक है के नारे लगाने लगे।

प्रदर्शन करने वालों के हाथ में एक बैनर भी था, जिस पर लिखा था महापौर जी (इंदौर नगर निगम) यह जमीन कर्बला मैदान नहीं, हनुमान चौक धोबी घाट मैदान है। नारेबाजी के बाद प्रदर्शन करने वाले मंदिर के सामने ही जमीन पर बैठ गए और अपना विरोध प्रदर्शन करने लगे।

अनुमति पत्र पर ‘कर्बला’ लिखे जाने का विरोध

प्रदर्शन करने वाले सुमित हार्डिया ने बताया कि, धोबी घाट की यहां पर 7 एकड़ जमीन है। न्यायालय में सुनवाई हुई, जब निगम के पक्ष में फैसला आया था। हिंदू समाज में खुशी का माहौल था कि यहां से अवैध चीजें मुक्त होगी, लेकिन इस मेले के रूप में हमें देखने को मिला है कि किस तरह से नगर निगम ने तीन दिन के लिए कॉमर्शियल मेले के रूप में अनुमति दे दी। अनुमति में कर्बला मैदान लिखा हुआ है। यह नगर निगम की जमीन है। यहां हनुमान मंदिर है, रजक समाज यहां रहता है।

कही ना कही चंद पैसों के लिए तीन दिन के लिए मेले की अनुमति दी है, इसका विरोध करते हैं। जिस तरह से अनुमति के कागज पर कर्बला लिखा गया है। उसका भी हम विरोध करते है। मैदान में तीन एकड़ जमीन का ही शुल्क लिया गया है, जबकि 7 एकड़ जमीन है। इसे लेकर ही हम विरोध करने बैठे थे। चंद लोगों ने कर्बला मैदान नाम दिया है, जबकि इसे हनुमान चौक धोबीघाट ही कहा जाता है। हमने आज प्रदर्शन करके अपनी बात रखी है। आगे कलेक्ट्रेट, नगर निगम जाएंगे। आंदोलन करना पड़ा तो वह भी करेंगे। यहां सिद्ध वीर हनुमान मंदिर है। जहां हर मंगलवार-शनिवार को आरती होती है। यहां भव्य मंदिर बनाने की भी हमारी प्लानिंग है।

अनुमति में कर्बला मैदान लिखने पर जताई आपत्ति।

अनुमति में कर्बला मैदान लिखने पर जताई आपत्ति।

14 से 15 लाख रुपए तो सिर्फ झूलों से वसूली

प्रदर्शन करने वाले संजय भाटिया ने बताया कि नगर निगम ने 84 हजार रुपए लेकर तीन दिन के लिए तथाकथित लोगों को दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि हमारा यह कहना है कि 14-15 लाख रुपए तो सिर्फ झूलों से वसूली कर ली जाती है। यहां कई दुकानें लगती हैं, जिससे कमेटी काफी वैसा वसूल करती है।

84 हजार रुपए में ये जमीन किराए पर देकर निगम ने गलती की है। सोमवार से ही झूले लगाना शुरू हो गए हैं। निगम को 10 दिन का किराया लेना चाहिए था। रियायती दरों पर जमीन दी और लाखों रुपए कमाने की उन्हें छूट दे दी। सबसे बड़ा मुद्दा ये है कि अपनी अनुमति में निगम ने कर्बला मैदान लिखा है, यह आपत्तिजनक है। यहां काफी समय से हनुमानजी विराजमान है। इसे हनुमान चौक धोबी घाट मैदान कहा जाता है।

जमीन पर बैठ कर प्रदर्शन करते हुए।

जमीन पर बैठ कर प्रदर्शन करते हुए।

9 लाख रुपए किराया देने को तैयार, सोशल मीडिया पर भी किया पोस्ट

पं. राजपाल जोशी ने कहा कि हिंदू समाज का धोबी घाट मैदान जो काफी विशाल है। उसे मात्र 1 लाख रुपए के अंदर कथित लोगों को किराए पर दे दिया गया। अगर नगर निगम को किराया की इतनी आवश्यकता थी, राजस्व की हानि हो रही थी तो उन्हीं तीन दिन का 9 लाख रुपए देने को हम तैयार हैं।

निगम की स्लिप पर इसे कर्बला मैदान बताया गया है, ये धोबी घाट का हिंदू समाज का मैदान है। नगर निगम हमसे 9 लाख रुपए ले ले और हमें तीन दिन अखंड रामायण पाठ करने की अनुमति दे दी। इसे लेकर हमारा नगर निगम से पत्राचार जारी है।

पं.जोशी ने कहा कि निगम का कहना है कि हम उन्हें अनुमति दे चुके हैं। नगर निगम ने हाईकोर्ट से मिली जमीन को इस प्रकार से किराए पर दे दी। आगामी समय में हम कलेक्टर, कमिश्नर और नगर निगम कार्यालय का घेराव करेंगे। पं. राजपाल जोशी ने 9 लाख रुपए किराया लेने की बात अपने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट की है।

पं.राजपाल जोशी ने अपने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट।

पं.राजपाल जोशी ने अपने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट।

तीन दिन लगेगा मेला

बता दें कि यहां पर मोहर्रम पर्व पर तीन दिन का मेला और ताजिए ठंडे किए जाने की अनुमति 6 जुलाई से 8 जुलाई तक कमेटी अध्यक्ष मो. फारुख राईन ने ली है। 6 से 8 जुलाई तक यहां पर मेला लगेगा।

वक्फ कर्बला मैदान इंतेजामिया कमेटी अध्यक्ष फारुख राईन ने बताया कि 6 से 8 जुलाई तक की अनुमति ली है। 6 जुलाई को शहरभर के अखाड़े ताजिए यहां पर आएंगे और तीन दिन का मेला शुरू हो जाएगा। मेला लगाने की, ताजिए रखने, दफनाने की अनुमति मिल गई है। नगर निगम में 1 लाख का शुल्क अनुमति के लिए निगम में जमा किया है। 6 जुलाई को सरकारी ताजिया इमाम बाड़े से कर्बला यहां आएगा। शहरभर से डेढ़ से दो सौ ताजिए यहां आएंगे।

[ad_2]

Source link

Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here