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शहर में डाेट टू डाेर कचरा कलेक्शन करने वाली कंपनी रैमकी इनवायरो इंजीनियर्स लिमिटेड से मिले डेटा के आधार पर नगर निगम ने लोगों को कचरे के थोकबंद बिल बांटे हैं। इनका सत्यापन तक नहीं कराया। इसके चलते शहरभर में सभी को एक समान 89 माह के बिल दिए गए हैं। राशि है 2670 रुपए। एकसूत्रीय फॉर्मूला लगाते हुए जो बिल बांटे गए हैं, उनमें ऐसे लाेगाें काे भी बिल थमा दिए गए जिनके मकान ही ढाई से तीन साल पहले बने हैं। यानी मकान बने 30 माह ही हुए लेकिन बिल मिल गया 89 माह का।
रैमकी कंपनी के डेटा के आधार पर बिल बांटने में मनमर्जी की
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