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जिले के छापीहेड़ा में चल रही भागवत कथा के तीसरे दिन वृन्दावन से आए कथावाचक देवकीनंदन महाराज ने भागवत कथा के महत्व सहित कपिलदेव और देवहुति संवाद का प्रसंग सुनाया. माहराज ने युवाओं और युवतियों को माता पिता के प्रति कृतव्यों को समझाते हुए कहा की पिता के ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकते लेकिन सनातनी आचरण अनुरूप व्यवहार से अच्छे संस्कार प्राप्त कर उनको गर्वित महसूस करवा सकते है।
छापीहेड़ा में टांक परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा के
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