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Champat Rai said- Ram Janmabhoomi movement is like the freedom struggle | चंपत राय बोले- राम जन्मभूमि आंदोलन आजादी की लड़ाई जैसा: 100 बिरादरियों के मुखियाओं और 50 से अधिक सामाजिक संस्थाओं ने किया नागरिक अभिनंदन – Indore News

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राम मंदिर आंदोलन आजादी की लड़ाई से कम नहीं था। अयोध्या में राम मंदिर को तोड़ कर इस देश और हिंदू समाज और राष्ट्र का अपमान किया गया। फिर से मंदिर बनाना हमारी अस्मिता से जुड़ा था, क्योंकि गुलामी की निशानियां चिपका कर नहीं रखी जाती है। यह लड़ाई देश हित क

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रामजन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इंदौर में सोमवार को अपने अभिनंदन के अवसर पर यह बात कही। इस दौरान इंदौर के अनेक सामाजिक, धार्मिक ,व्यपारिक,संगठनों के जाति- विरादरी के प्रमुखों ने उनका सम्मान किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राधे राधे बाबा,अण्णा महाराज, अमृत राम महाराज, प्रवीणानंद महाराज, स्वामी सत्यानंद महाराज के साथ कई संतों ने समस्त हिन्दू समाज और आयोजन समिति की ओर से चंपत राय का अभिनंदन किया।

शुभारंभ पर देवी अहिल्या की तस्वीर के सामने दीप प्रज्जवलित करते चंपत राय और साधु-संत।

शुभारंभ पर देवी अहिल्या की तस्वीर के सामने दीप प्रज्जवलित करते चंपत राय और साधु-संत।

मंदिर में लोहे-सीमेंट का उपयोग नहीं किया

उन्होंने कहा कि हजारों संतों ने राम मंदिर के प्रति जागरण किया। ये किसी एक व्यक्ति से संभव नहीं है। 500 साल में कितने लोगों का जीवन गया, ये कोई नहीं जानता। मंदिर निर्माण की योजना के बारे में बताया कि मंदिर में लोहे-सीमेंट का उपयोग नहीं किया गया। तीन मंजिला मंदिर 400 खंभों पर खड़ा है। पत्थरों को जोड़ने के लिए तांबे का उपयोग किया गया। एक-एक पत्थर को परखा गया कि कही किसी पत्थर में दरार तो नहीं है। ऊपरी मंजिल बनने के बाद उसमें राम दरबार लगेगा। मंदिर के चारों और परकोटा बन रहा है। उस परकोटे में छह मंदिर बनेंगे। लक्ष्मण जी का भी एक मंदिर बनाया जाएगा। 70 एकड़ जमीन में 50 एकड़ जमीन में सिर्फ पौधे लगाए जा रहे हैं। पर्यावरण का विचार भी मंदिर में निहित है। 25 लाख घन फुट पत्थर इस मंदिर निर्माण में लग रहा है।

संतों ने विशाल माला पहनाकर किया चंपत राय का अभिनंदन।

संतों ने विशाल माला पहनाकर किया चंपत राय का अभिनंदन।

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Arvind Jain Editor, Bundelkhand Samchar
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